डा। शहर के गायत्री पुरम के रहने वाले अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव की एसिड पीने से मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिवक्ता की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। जबकि पुलिस ने अधिवक्ता की मौत एसिड पीने से होना बताया था। शुक्रवार को अधिवक्ता की मौत के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर साथी वकीलों ने कचहरी में प्रदर्शन किया।
सिविल लाइंस चौकी प्रभारी रजनीश द्विवेदी ने 12 मई को भूमि घोटाले में कई मुकदमों में आरोपी गायत्रीपुरम निवासी अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव को रामपुर से गिरफ्तार किया था। वह राजकुमार को गोंडा ला रहे थे। तभी जेल जाने के डर से राजकुमार ने एसिड पी लिया था। आरोपी को जिला अस्पताल से डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ रेफर कर दिया गया था। 14 मई को हालत में सुधार हुए बिना ही पुलिस ने दबाव बनाकर राजकुमार को डिस्चार्ज करा लिया और गोंडा ले आई। यहां रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया था। इसके बाद पुलिस आरोपी अधिवक्ता को लेकर जेल पहुंची तो दोबारा उसकी हालत बिगड़ गई थी। जिला अस्पताल में अधिवक्ता ने दम तोड़ दिया था। अधिवक्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। साथी अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कचहरी में प्रदर्शन कर राजकुमार लाल की मौत के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।