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नवजात की मौत का मामला : पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि, जानवर ने कुतर दिया था मुंह

Tue, 30 Aug 2022 10:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, गोंडा

सार

सोमवार को सीएचसी के एक कर्मचारी की तहरीर थाना धानेपुर में लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार के पत्रकार के खिलाफ छेड़खानी, सरकारी कार्य में बाधा, अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने व एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
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विस्तार
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गोंडा जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना में मृत नवजात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। जबकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में नवजात मृत पैदा होने का दावा किया गया था। ऐसे में जांच पर ही सवाल उठने लगे हैं। साथ ही ये भी सवाल उठ रहा है कि नवजात की दम घुटने से मौत कहां व कैसे हुई? जबकि परिजनों ने सीएचसी स्टाफ पर उसे ऑक्सीजन देने की बात कही थी। परस्पर विरोधी बयान व पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला उलझ गया है।

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मुजेहना के बछईपुर ग्राम पंचायत के मजरे चैनवापुर निवासी मो. हारून ने धानेपुर थाने में रविवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि उसने शनिवार रात अपनी बहन सायरा बानो को सीएचसी मुजेहना में भर्ती कराया था। जहां उसकी बहन ने बच्चे को जन्म दिया। स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे बताया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्तत है।

उसे सीएचसी के दूसरे कक्ष में ऑक्सीजन पर रखने की बात कही गई। फिर रविवार सुबह बताया कि बच्चे की मौत हो गई है। हारून का आरोप है कि जब उसे नवजात दिया गया तो उसका मुंह किसी जानवर से नोचा हुआ था। परिजनों के हंगामा करने पर प्रशासन की टीम मामले की जांच करने मौके पर पहुंची।
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जहां स्वास्थ्यकर्मियों के बयान दर्ज करने के बाद रविवार रात प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बताया कि प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से बच्चे की मौत की पुष्टि हुई है। अगर बच्चे की मौत दम घुटने से हुई तो उसे ऑक्सीजन देने की परिजनों ने जो बात कही है वह सही प्रतीत हो रही है। इससे प्रशासन की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी सवालों से घिर गई है। धानेपुर इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण दम घुटने से बताया गया है। मामले में सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।

इलाके में घटने वाली वारदातों के बाद पुलिस पीड़ितों को जल्दी एफआईआर नहीं दर्ज करती है। लोग थाने से लेकर एसपी के दरबार तक चक्कर लगाते हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े़े मामले में हादसा होने पर सीएमओ की अध्यक्षता वाली कमेटी ऐसे मामलों की जांच करके रिपोर्ट देती है। तभी ऐसे मामले में एफआईआर दर्ज होती है। मगर इस मामले में बिना जांच के ही धानेपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। ये बात भी लोगों में चर्चा का विषय बनी है।

नवजात की मौत के मामले में प्रसूता के भाई मो. हारून ने सीएचसी मुजेहना के अज्ञात स्टाफ के खिलाफ लापरवाही से मौत की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब दूसरे दिन सोमवार को सीएचसी के एक कर्मचारी की तहरीर थाना धानेपुर में लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार के पत्रकार के खिलाफ छेड़खानी, सरकारी कार्य में बाधा, अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने व एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।

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