गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बृहस्पतिवार को मनचले से परेशान बीए की छात्रा ने फंदे से लटककर जान दे दी। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई के बजाय दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
नगर कोतवाली इलाके में रहने वाली 21 वर्षीय युवती शहर के एक डिग्री कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। खरगूपुर के ललकपुर निवासी शुभम मिश्र से परेशान होकर बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे छात्रा ने घर के कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी। नगर कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद किया था। इसमें छात्रा ने लिखा था कि आरोपी मनचला शुभम मिश्र लगातार उसे परेशान कर रहा था। छात्रा के चाचा का आरोप है कि मौत से पहले बुधवार को यूपी 112, स्थानीय पुलिस चौकी, नगर कोतवाली के साथ ही आरोपी शुभम के भाई सतीश मिश्र, बहन संगीता मिश्रा और बहनोई अनिल मिश्र से शिकायत की थी। मगर बहनोई अनिल के आरपीएफ में होने के चलते कार्रवाई के बजाय पुलिस चौकी के जिम्मेदार समझौते का दबाव बनाते रहे। ऐसे में कोई कार्रवाई न होती देखकर छात्रा ने जान दे दी।
नगर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि मृतका के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसके पिता की तहरीर पर आरोपी शुभम मिश्र, उसकी बहन संगीता मिश्रा, बहनोई अनिल मिश्र और भाई सतीश मिश्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
मृतका के चाचा ने बताया कि भतीजी की मौत के बाद भी पुलिस की ओर से परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है। बताया कि एक मामले में छात्रा के भाई और पिता पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में छात्रा का भाई जेल में है। छात्रा की मौत के बाद शुक्रवार को देहात कोतवाली पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई के लिए मुनादी कराई। उनका कहना है कि आरोपियों के बचाव के लिए पिता को जेल भिजवाने और संपत्ति कुर्क कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
छात्रा ने गैंगस्टर की कार्रवाई में जेल में निरुद्ध अपने भाई को भी आपबीती सुनाई थी। छात्रा के चाचा ने बताया कि भतीजी के चार सुसाइड नोट मिले हैं। जेल से भाई ने सुरक्षा की गुहार लगाई। परिजन आरोपी के बहनोई के घर पहुंचे तो उल्टे पीड़ित परिवार को तहरीर वापस लेने के लिए धमकाया गया। आरोप है कि पीड़िता के घर पहुंचकर धमकी देने और पुलिस कार्रवाई न होने से छात्रा ने मौत को गले लगा लिया।