गोंडा। डिक्सिर गांव के मजरे वैश्यपुरवा में हुए बृजेश सिंह हत्याकांड में पुलिस पांचवें दिन भी खाली हाथ है। पुलिस अब सर्विलांस की मदद से कातिलों का सुराग लगा रही है। सीसीटीवी में दिखे चार वाहनों के नंबर पूरी तरह से दिख नहीं रहे हैं। ऐसे में पुलिस जांच का पूरा फोकस सर्विलांस पर ही है। वारदात की रात घटनास्थल के पास के मोबाइल टावर का तीन घंटे का कॉल डिटेल रिकार्ड निकाला गया है। पुलिस इनमें से संदिग्ध नंबरों को चिह्नित करके कातिलों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के डिक्सिर गांव की ग्राम प्रधान विनय सिंह के प्रतिनिधि रामभान सिंह के चचेरे भाई बृजेश सिंह (30) की छह सितंबर की देर रात घर के बाहर सोते समय हमलावरों ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करके हत्या कर दी थी। हमलावरों ने प्रधान प्रतिनिधि के छोटे भाई कृष्ण भान सिंह (35) को भी धारदार हथियार से हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हमले के दौरान कृष्ण भान सिंह की मां शैलकुमारी जाग गईं और शोर मचाने लगीं तो बदमाश चौपहिया गाड़ी से भाग गए थे।
मामले में प्रधान प्रतिनिधि रामभान सिंह ने थाना उमरी बेगमगंज में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो सबसे पहले उमरी, ढेमवाघाट रोड व बेलसर रोड पर पड़ने वाले बैंकों के साथ ही दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में हत्या के समय के अंतराल में चार वाहन गुजरते मिले। मगर फुटेज में किसी भी वाहन का पूरा नंबर नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में पुलिस अब सर्विलांस के सहारे ही कातिलों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।
बृजेश सिंह की हत्या रात तकरीबन एक बजे हुई थी। पुलिस ने हत्या की रात 12 बजे से तीन बजे रात तक घटनास्थल के पास के मोबाइल टावर की पूरा कॉल डिटेल रिकार्ड निकाला है। हत्या की रात तीन घंटे के सीडीआर में इस टावर से तकरीबन 150 नंबरों पर बातचीत हुई है। इनमें से संदिग्ध नंबरों को पुलिस चिह्नित करके कातिलों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सीओ तरबगंज संसार सिंह राठी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर तफ्तीश कराई जा रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।