गोंडा। विकास के बड़े- बड़े दावे करने वाले जनप्रतिनिधि जिले के विकास के बजट को ही खर्च नहीं करवा पा रहे हैं। हाल यह है कि पूरे साल में विकास और नगारिक सुविधाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में तैयार 451 करोड़ के बजट पूरी तरह खर्च नहीं हो सकेगा। बिना योजना के खर्च करने का खामियाजा जिले को 225 करोड़ गवां कर भुगतना पड़ रहा है। भले ही मंगलवार को योजना की मंजूरी जिला योजना समिति के अध्यक्ष श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने दे दी। लेकिन वित्तीय वर्ष में समय न होने से पूरा बजट खर्च ही नहीं हो सकेगा। जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ हुई समिति की बैठक में उन्होंने माना इस बार प्रक्रिया पूरी होने में देरी हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना अप्रैल में ही तैयार हो जाए और बैठक कराकर स्वीकृति करा ली जाए। वित्तीय वर्ष समाप्ति के ठीक तीन दिन पहले 41 विभागों की 451 करोड़ की कार्ययोजना में 226 करोड़ खर्च हो सकेगा। विकास के लिए बजट का रोना रोने वाले जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से एक बड़ा बजट हाथ में आने से ही रह गया। इसका असर विकास पर पड़ना तय है। ऐसे ही कुछ वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी हुआ था। उस समय भी अनुमोदन में देरी से 451 करोड़ में 293.86 करोड़ ही खर्च हो सका था। उस साल भी 157.14 करोड़ का बजट नहीं खर्च हो सका।
जिला योजना की बैठक में यह मामला भी उठा। कैसरगंज सांसद के प्रतिनिधि संजीव सिंह ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 65 फीसदी और इस वित्तीय वर्ष में 50 फीसदी बजट ही खर्च हो रहा है।
प्रभारी मंत्री ने नए साल में सही समय पर प्रक्रिया पूरी कर आवंटन पर जोर दिया। आवंटित बजट की समीक्षा प्रभारी मंत्री ने की। उन्होंने कहा कि विकास के लिए जो बजट शासन से मिला है, उसका उपभोग 31 मार्च के पहले कर लें। डीएम डॉ. उज्जवल कुमार व सीडीओ एम. अरुन्मोली ने अतिथियों का स्वागत किया। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने विस्तृत जानकारी पेश की।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष धनश्याम मिश्र, विधायक बावन सिंह, प्रतीक भूषण सिंह, विनय द्विवेदी व अजय सिंह, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह ‘मंजू’, प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र, वेदप्रकाश दूबे व डॉ. आरबी सिंह बघेल, पुलिस कप्तान आकाश तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष अमरकशोर कश्यप के अलावा अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।
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- होम्योपैथी विभाग में भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे उठे
- जिला योजना की बैठक में सदस्यों ने कई सवाल उठाए। जिसमें प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने जांच के आदेश दिए। कटरा बाजार के विधायक बावन सिंह ने होम्योपैथी विभाग में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। जिला होम्योपैथी अधिकारी उर्मिला ने जांच कराने की बात कही। संजीव सिंह ने पर्यटन विभाग का कार्यालय न होने का मामला उठाया। इसके अलावा सदस्य गौरव सिंह ने सदर तहसील के मूड़ाडीहा में जगप्रसाद का जीवित रहते मृतक प्रमाण पत्र जारी करने का मामला उठाया।
प्रभारी मंत्री ने मामले में जांच कराने और दोषी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला पर्यटन अधिकारी वंदना पांडेय ने 25 मंदिरों में कार्य होने की बात कही। जिस पर बेलसर के सदस्य सीपी सिंह ने सवाल उठाया कि कहां काम हो रहा है। प्रभारी मंत्री ने मामले की जांच करने को पर्यटन अधिकारी को कहा।
विभागों के मांग हैं शामिल हैं, देरी का दिखेगा असर
- वित्तीय वर्ष 2022- 223 के जिला योजना बजट में विभिन्न विभागों ने अपनी कार्य योजना तैयार कर बजट की मांग कर रखी है। बैठक में मांग के आधार पर अनुमोदन लिया गया है।
यह अलग बात है कि देरी का असर हर विभाग पर पड़ रहा है। कृषि विभाग 36 लाख, गन्ना विभाग 1038 लाख, निजी लघु सिंचाई विभाग 1890 लाख, पशुपालन विभाग 183.02 लाख, दुग्ध विकास 156.56 लाख, वन विभाग 1738 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 3566 लाख, मनरेगा 17370.34 लाख, पंचायतीराज 279.36 लाख, राजकीय लघु सिचाई विभाग 830.32 लाख, नेडा ने 14.20 लाख, खादी ग्रामोद्योग 1 लाख, लोक निर्माण विभाग 4034.05 लाख, पर्यावरण 10 लाख, पर्यटन 130 लाख, बेसिक शिक्षा 65.35 लाख, माध्यमिक शिक्षा 1217.24 लाख, पॉलीटेक्निक 9.60 लाख, प्रादेशिक विकास दल 27.74 लाख, परिवार कल्याण ने 304.20 लाख के बजट की मांग कर रखा है। एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 1563.26 लाख, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा 30 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा 140 लाख, नगरीय पेयजल 170 लाख, ग्रामीण स्वच्छता 1774.16, ग्रामीण आवास के लिए 3337.16 लाख रुपये की आवश्यकता बताई है। अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 198.74 लाख, पिछड़ा वर्ग कल्याण 93.74 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 115 लाख, सामान्य जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए 986.99 लाख, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 170 लाख, समाज कल्याण 2788.84 लाख, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में 147.10 लाख रुपये, महिला कल्याण विभाग ने 460.20 लाख, सहकारिता विभाग 220.64 लाख रुपये की मांग बजट में शामिल है।
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