गोंडा। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से सीधे तौर पर जुड़े लोगों तक भले ही अभी एटीएस के हाथ नहीं पहुंच सके मगर कनेक्शन निकलकर सामने आनेे की उम्मीद है। मंडल के बहराइच और बलरामपुर से तीन लोग एटीएस के हाथ लगे हैं, वह पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। इसे लेकर जिले की खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गईं हैं। इसके साथ ही जिले में निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के पीएफआई से लिंक की तलाश की जा रही है।
बलरामपुर व बहराइच से रविवार को एटीएस ने तीन लोगों को उठाकर पूछताछ की है। जिसमें बहराइच के दो व बलरामपुर के एक युवक से पूछताछ में अहम जानकारी मिली है। इसी कारण टीम बहराइच के दोनों युवकों को साथ ले गई है। जिनके संबंध खंगालने पर जिले के कुछ लोग भी रडार पर आ गए हैं। पूर्व में एक विवादित संस्था से जुड़े लोगों की पहचान हुई थी। इसके अलावा पूर्व में आईबी की पूछताछ में जिले में पीएफआई के सदस्यों की सक्रियता के इनपुट मिले थे। निकाय चुनाव में पीएफआई की सेंधमारी की सूचना पर पुलिस को भी सतर्क किया गया था। जिले में निकाय चुनाव लड़ने वालों के पीएफआई से लिंक तलाशने के लिए गोपनीय तरीके से छानबीन की जा रही है। चुनाव मैदान में कूदे एक दर्जन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। कारण उन्होंने नामांकन के बाद ज्यादा सक्रियता नहीं दिखाई। अब जिन युवकों को एटीएस साथ ले गई है, उनसे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
मुस्लिम बहुल बभनजोत ब्लाॅक के औसानी बुजुर्ग के साथ ही कटराबाजार व करनैलगंज को लेकर खुफिया एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। करनैलगंज के बालूगंज, बालकरामपुरवा, कसगरान मोहल्ले में साल 2022 में तो आईबी ने छह लोगों को उठाया भी था और पूछताछ की थी। इसी तरह बभनजोत के खोड़ारे थाना क्षेत्र में भी दो लोगों से पूछताछ की गई थी। इन क्षेत्रों पर खुफिया एजेंसियां निगाह रख रही हैं।