गाेंडा। जंगली जानवरों की दस्तक से नौ गांवों के बाशिंदों की नींद उड़ी है। हिंसक जंगली जानवर ने जिन गांवों में हमले किए हैं, वहां वन विभाग की ओर से भी महज खानापूर्ति की गई है। आम लोगों को यह भी स्पष्ट नहीं बताया कि आखिर यह जानवर कौन है। वन विभाग कुछ गांवों में सियार होने की आशंका जता रहा है लेकिन कई गांवों में जानवर के बारे में स्पष्ट नहीं कर सका है। यही नहीं जंगली जानवर के नहीं पकड़े जाने से ग्राम पंचायत फरेंदा शुक्ल व तेलियानीपाठक के लोग अभी भी दहशत में हैं।
कटरा बाजार वन रेंज के फरेंदा शुक्ल गांव, रमलला पुरवा, दर्जी पुरवा व तेलियानी पाठक व डिहवा में शुक्रवार देर रात जंगली जानवर ने हमला कर तीन बच्चों को चोटिल किया था। वहीं, मवेशी पर भी हमला किया था। हमले में घायल तीनों बच्चों को मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया था। हालत ठीक होने पर शनिवार देर शाम तीनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ग्रामीण शिवनारायण यादव, उमेश साहू, श्रीदेवी, गीता, जगदीश प्रसाद यादव का कहना है कि हमला करने वाला जंगली जानवर भेड़िया ही था।
इसके अलावा नवाबगंज के महंगूपुर, लौव्वीरपुर, विश्नोहरपुर, तरबगंज के रंगधारपुरवा, नगदही, पंड़रीकृपाल के केवलपुर आदि गांवों में भी इसी महीने जंगली जानवर ने हमला किया था। इन क्षेत्रों के लोगों को आज तक जंगली जानवर का भय सता रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी सुदर्शन का कहना है कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। गांव के लोगों को भी जागरूक किया गया है।
सपा के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम खान का कहना है कि जंगली जानवर मासूम बच्चों को निशाना बना रहा है। यह दुखद है। शासन इसे गंभीरता से ले। पुलिस और वन विभाग को जिम्मेदारी दी जाए। ताकि आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को सुरक्षित माहौल देने में विफल है। वहीं, कांग्रेस के जिला प्रवक्ता शिवकुमार दुबे ने मांग की है कि प्रभावित गांवों में वन विभाग ठोस कदम उठाए।