गोंडा। बारिश थमने के बाद भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सरयू नदी का जलस्तर तो घटा है लेकिन पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया है। नदी में बुधवार की सुबह तीनों बैराज से छोड़े गए पानी का डिस्चार्ज एक लाख 34 हजार 793 क्यूसेक था। यह बढ़कर बृहस्पतिवार को एक लाख 58 हजार 207 हो गया है। फिलहाल खतरे के निशान से नदी का जलस्तर 1.27 मीटर से नीचे थी, जो अब और नीचे हो गई है। बृहस्पतिवार को नदी खतरे के निशान से 1.38 मीटर नीचे हो गई है। इसके बाद भी तरबगंज तहसील के गावों में बाढ़ का पानी गावों में फैल रहा है।
बीते सप्ताह भर से रुक-रुक हो रही बारिश से पहले नदी का जलस्तर बढ़ा। इसके बाद नदी स्थिर तो हुई लेकिन पानी गावों की ओर फैल रहा है। यह स्थिति तरबगंज तहसील के ऐली-परसौली के बाद के गावों में इसलिए है, क्योंकि इसके बाद कोई तटबंध नहीं है। इससे ढेमवा घाट का रास्ता तो दो दिन पहले ही पानी में डूब गया है और बंद है। वहीं दत्तनगर व साखीपुर में पानी का फैलाव तेजी हो रहा है। यहां के खेतों में कटान भी शुरू हो गया है।
दत्तनगर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजाराम यादव ने बताया कि सरयू में पानी का बढ़ना गांव के लिए चिंता का विषय बन गया है। रास्ते पहले से ही डूब चुके हैं। अब बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तहसील के दुर्गागंज, जैतपुर, माझाराठ, नकाहरा, तुलसीपुर, साखीपुर, दत्तनगर, गोकुला, ब्यौंदा आदि गावों में लगातार बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है।
पहाड़ी नालों से छूट रहा पानी, बढ़ रहा डिस्चार्ज
करनैलगंज (गोंडा)। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से सरयू नदी में डिस्चार्ज तेजी से बढ़ रहा है। लगातार खराब मौसम व नेपाल की पहाड़ियों सहित घाघरा की सहायक नदियां करनाली, महाकाली व बबई के कैचमेंट वाले इलाकों में बरसात हो रही है। बरसात के चलते शारदा, गिरजा व सरयू बैराजों का डिस्चार्ज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इससे तटबंधों पर भी खतरा बढ़ रहा है। बांध पर तैनात बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह ने बताया कि अभी घबराने वाली कोई बात नहीं है। बांध की निगरानी की जा रही है। बांध पूरी तरह से सुरक्षित है और निगरानी बढ़ा दी गई है।