गोंडा। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने के लिए स्थापित जन औषधि केंद्र डॉक्टरों के कमीशन के चलते बंद हो गया। जिससे अस्पताल में न मिलने वाली दवाओं को मरीजों को मजबूरी में बाहर के मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों में खरीदना पड़ रहा है। मरीज 12 रुपये की जेनरिक दवाओं को 227 रुपये में खरीदने को मजबूर हैं।
शासन के निर्देश पर सभी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलकर मरीजों को सस्ती दवाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया था। जिले के महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रतिदिन करीब 1700 मरीजों की ओपीडी होती है, जिन्हें कई दवाएं अस्पताल से नहीं मिल पाती हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का सख्त निर्देश था कि जो दवा अंदर न उपलब्ध हो, उसे सिर्फ जन औषधि केंद्र से खरीदने का परामर्श दिया जाय। लेकिन बाहर मेडिकल स्टोर संचालकों से कमीशन लेने के चक्कर में डॉक्टर जन औषधि केंद्र की दवा नहीं लिख रहे थे। बिक्री न होने के कारण जन औषधि केंद्र संचालक ने दुकान में ताला लगाकर बंद कर दिया। हालांकि जिला महिला अस्पताल के सामने अभी जन औषधि केंद्र संचालित हो रहा है।
दवा जन औषधि केंद्र पर मूल्य मेडिकल स्टोर पर मूल्य
टेलमीसार्टन (10 गोली) 12 रुपये 227 रुपये
एटोरवास्टाटिन (10 गोली) 11 रुपये 82 रुपये
विल्डाग्लिप्टिन (15 गोली) 30 रुपये 330 रुपये
पेंट्रोप्राजोल डीएसआर (10 गोली) 22 रुपये 140 रुपये
फिर से संचालित कराई जाएगी दुकान:
जिस वेंडर को दुकान आवांटित की गई थी, उसने बिना सूचना दिए बंद कर दी। नए वेंडर की तलाश कर जन औषधि केंद्र फिर से संचालित कराया जाएगा। अभी महिला अस्पताल के पास से दवा लेने का परामर्श दिया जाता है।
डॉ. एम डब्ल्यू खान, चिकित्सा अधीक्षक