जयप्रभाग्राम स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर। - संवाद
गोंडा। सावन का पावन महीना चल रहा है। ऐसे में शिवमंदिरों में पूजन व जलाभिषेक का विशेष महत्व है। जयप्रभा ग्राम स्थित पंचमुखी महादेव मंदिर में भक्तों की अगाध आस्था है। मान्यता है कि सावन के पवित्र माह में यहां जलाषिभेक करने से चारों धाम की यात्रा का पुण्य मिलता है। महीनेभर यहां हर रोज करीब दस हजार श्रद्धालु जलाभिषेक कर महादेव से वरदान मांगते हैं।
जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूर स्थित ये भक्ति धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना है। मंदिर के चारों ओर लाल पत्थरों पर चारों धाम के मंदिर व देवी-देवताओं का चित्र उकेरा गया है। सफेद संगमरमर से पंचमुखी महादेव का शिवलिंग स्थापित है। मंदिर के पुजारी यशोदा नंदन शुक्ल ने बताया कि शिव के पंचमुखी रूप की उपासना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। पंचमुख सृष्टि की रचना के लिए प्रयोग होने वाले पांच तत्व अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी और जल का प्रतीक है।
पंचमुखी महादेव मंदिर में न सिर्फ आसपास के जिलों के लोग आते हैं बल्कि बलरामपुर के पचपेड़वा के वनवासी समुदाय के लोग व उससे सटे नेपाल के श्रद्धालुओं की भी गहरी आस्था है। खरगूपुर के पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आए भक्त चारों धाम मंदिर भी आते हैं।