गोंडा। देवीपाटन मंडल में पावर कॉर्पोरेशन की बिलिंग व राजस्व वसूली व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। एक तरफ उपभोक्ता बिलिंग में गड़बड़ी को लेकर परेशान हैं। वहीं, राजस्व वसूली भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में पूरे मंडल में करीब दो हजार करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। इसमें से जनपद में ही करीब 900 करोड़ विद्युत बिल बकाया है। इसके बावजूद विभाग के पास कोई एक्शन प्लान नहीं है।
अधीक्षण अभियंता रामनरेश सरोज ने बताया कि हर महीने करीब 4.5 लाख उपभोक्ताओं में से सिर्फ छह से सात फीसदी ही विद्युत बिल का भुगतान करते हैं। यही नहीं, बिजली चोरी रोकने में भी विभाग पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक विद्युत आपूर्ति के हिसाब से करीब 15 घंटे बिजली दी जा सकती है। हालांकि लापरवाही से लगातार आपूर्ति की शिकायतें आ रही हैं।
शहर के कैलाशपुरी निवासी विद्युत उपभोक्ता बृजमोहन सिंह ने बताया कि पत्नी रेखा के नाम से उनका विद्युत कनेक्शन है। छह महीने से उनके मीटर की बिलिंग नहीं हो पाई है। मोबाइल पर आने वाले मेसेज के आधार पर विद्युत बिल जमा कर रहे हैं। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से कई बार शिकायतें की गईं मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
राधाकुंड निवासी मोहम्मद इस्लाम का कहना कि हर महीने बिलिंग नहीं हो पा रही है। बकाया बिल भुगतान करने पहुंचा तो पता चला कि अब 1100 रुपये जमा करने होंगे। ऐसे में उधार लेकर विद्युत बिल का भुगतान किया है। हर महीने बिलिंग न होने से परेशानी होती है।
अफीम कोठी निवासी सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि उपभोक्ताओं को समय पर बिल मिले तो भुगतान करने में आसानी हो। इस बार 20 दिन का बिल दिया गया है। हर महीने विद्युत बिल का भुगतान करता हूं। यदि बिलिंग की समुचित व्यवस्था हो तो राहत मिलेगी।
मुख्य अभियंता दीपक अग्रवाल का कहना है कि उपभोक्ताओं को विद्युत बिल भुगतान करने के लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन व्यवस्था दी गई है। देवीपाटन मंडल में दो हजार करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। गोंडा जनपद में 900 करोड़ रुपये विद्युत बिल बकाया है। मंडल में 10 फीसदी ही विद्युत बिल का भुगतान हो पा रहा है। जल्द ही राजस्व वसूली के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।