पार्वती अरगा पक्षी विहार में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर
गोंडा। पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ हरियाली लाने के लिए देश के प्रमुख शहरों में एक हजार नगरीय वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसमें जैव विविधता के साथ स्मृति वन, तितली संरक्षण केंद्र व हर्बल गार्डन भी बनेंगे। यह एलान केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने शुक्रवार को किया। वह वजीरगंज के पार्वती अरगा पक्षी विहार में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ कर रहे थे। पर्यटन विकास का संकल्प दोहराते हुए कहा कि देश के एक हजार नगरीय क्षेत्राें में नगर वन विकसित किये जाएंगे। इसके लिए बजट केंद्र सरकार मुहैया कराएगी।
उन्होंने कहा कि अरगा पार्वती झील को भी पर्यटन केंद्र के बतौर विकसित कर सुंदर बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय अधिकारियों की टीम से रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। बताया कि राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण प्रबंधन और योजना प्राधिकरण के राष्ट्रीय कोष की वित्तीय सहायता से 2027 तक नगर वन का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नगर वन में जैव विविधता पार्क, स्मृति वन, तितली संरक्षण केंद्र, हर्बल गार्डन की स्थापना होगी। इससे हर शहर में एक इको फ्रेंडली पर्यटन केंद्र विकसित हो सकेगा।
बताया कि योजना में नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। नगर वन में शामिल होने पर प्रति हेक्टेयर 4 लाख रुपये की पेशकश की गई है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने पौधरोपण करने के बाद जिलाधिकारी नेहा शर्मा के साथ सरयू नहर से पानी को बाहर निकालने के लिए बन रहे नाले से जुड़े कार्यों का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के सदस्य नीरज कुमार ने रामसर स्थलों के साथ ही वेटलैंड के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी पंकज शुक्ल, एमबी सिंह, कमलेश पांडेय, राजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।