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अफसरों की ढिलाई से 17 गांवों के कार्डधारक परेशान

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मोतीगंज (गोंडा)। पंचायत चुनाव के डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी झंझरी की नवसृजित 17 ग्राम पंचायतों में उचित दर विक्रेताओं की नियुक्त नहीं की जा सकी है। इन गांवों के 25 हजार लोगों को राशन के लिए दूसरों गांवों की खाक छाननी पड़ रही है। दूसरी ओर, अब गांवों में कोटेदार के चयन को लेकर कवायद शुरू की गई है।
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दो साल पहले पंचायत चुनाव के पूर्व गांवों का परिसीमन हुआ। इसमें झंझरी ब्लॉक में 17 नई ग्राम पंचायतें बनाई गईं। नवसृजित ग्राम पंचायत कलंदरपुर, पड़री शंकर, पूरे खेमकरन, इमलिया गुरुदयाल, छाछपारा मुतवल्ली, गोविंदपारा, रूपईडीह, सुल्तानजोत, मुगलजोत, लालपुर चंद्रभान, दौलतपुर, पैड़ी अजबसिंह, एकमा, माधवपुर राय, तरगांव, कंसापुर एवं देवरिया चूड़ामणि में अब तक कोटे की दुकान का चयन नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा गरीबों को भुगताना पड़ रहा है। कार्डधारक अपनी ग्राम पंचायत को छोड़कर अन्य गांवों में राशन लेने को जाते हैं।
सचिवों की लापरवाही बनी रोड़ा
17 ग्राम पंचायतों में राशन की दुकान के चयन में सचिव दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उपजिलाधिकारी सदर वीके सिंह ने अगस्त माह में खंड विकास अधिकारी झंझरी को पत्र भेजकर उचित दर विक्रेताओं चयन का निर्देश दिया। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था का निर्धारण करते हुए प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन लापरवाही के चलते प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
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खुली बैठक कराकर करें चयन
नवसृजित 17 ग्राम पंचायतों के सचिवों को खुली बैठक कराकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। खुली बैठक को लेकर जो भी सचिव हीलाहवाली करेगा उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मृत्युंजय यादव, खंड विकास अधिकारी झंझरी
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