गोंडा। मां का दूध ही शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार है। यह संदेश हर प्रसूता मां को समझाने के लिए नर्सिंग छात्राओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 12 कॉलेज की 4000 छात्राएं अस्पतालों में जाकर प्रसूताओं को स्तनपान का महत्व समझाएंगी। मंगलवार से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह आयोजित किया जाएगा।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शालू महेश ने बताया कि अगस्त का पहला सप्ताह विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान प्रसूता महिलाओं के बीच स्तनपान को बढ़ावा देने, शिशुओं, नन्हें बच्चों को बीमारी और कुपोषण से बचाने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संयुक्त रूप से सात अगस्त तक जागरूकता के कई कार्यक्रम होंगे। इसमे नर्सिंग छात्राओं का विशेष सहयोग रहेगा।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि सप्ताह के दौरान स्तनपान का महत्व लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला, ब्लॉक व ग्राम स्तर पर कार्यशाला, प्रदर्शनी, फिल्म शो, परिचर्चा जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आंगनबाड़ी और ग्राम स्तर पर नारे लेखन, वॉल पेटिंग, पोस्टर-बैनर के माध्यम से स्तनपान से संबंधित महत्वपूर्ण संदेश प्रसूताओं को पहुंचाया जाएगा।