गोंडा। शहर के सर्कुलर रोड स्थित नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में काम करने वाले नर्सिंग सहायक की हत्या कर दी गई।
उसका शव रेलवे स्टेशन गोंडा के पास सतई पुरवा गांव के करीब रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर खून के नमूने लिए हैं।
फोटोग्राफी भी कराई। इससे तफ्तीश में मदद मिल सके। मृतक के चाचा ने आरोपी डाॅक्टर और उसके साथियों के खिलाफ कोतवाली जीआरपी में हत्या व साक्ष्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मोतीगंज थानाक्षेत्र से अचलपुर गांव निवासी अनिल तिवारी का बेटा अंकित (23) बीएससी नर्सिंग का कोर्स करने के बाद नारायण हास्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में काम करता था।
अनिल के मुताबिक, 25 जनवरी की शाम सात बजे बेटा हाॅस्पिटल से छुट्टी लेकर घर के लिए निकला था। उसने काॅल कर बताया कि वह हास्पिटल से निकलने वाला है। एक घंटे में पहुंच जाएगा।
जब वह नहीं पहुंचा तो परेशान पिता ने बेटे के मोबाइल पर फोन लगाया, मगर कॉल रिसीव नहीं हुई। शक होने पर परिवार के अन्य लोगों के संग अनिल अस्पताल पहुंचे।
अनिल का आरोप है कि अंकित के बारे जानकारी चाही तो डॉक्टर ने बताया कि वह घर जा चुका है। परिजन ने घर न पहुंचने की बात कही तो डाॅक्टर ने जीआरपी से संपर्क करने के लिए कहा।
परिजन कोतवाली जीआरपी पहुंचे तो पता चला कि अंकित का शव कोतवाली नगर क्षेत्र के सतईपुरवा गांव के पास ट्रैक पर पड़ा मिला है।
आरोप है कि डाॅक्टर ने अपने साथियों संग मिलकर अंकित की हत्या कर शव ट्रैक पर फेंक दिया। अनिल की मांग पर डीएम ने पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया था।
जीआरपी कोतवाल अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है। अंकित के चाचा सुनील की तहरीर पर नारायण हास्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के आरोपी डाॅ. दीपक सिंह और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
सिगरेट लाने से इन्कार पर डाॅक्टर ने की थी पिटाई
वारदात की वजह आरोपी डाॅक्टर व अंकित के बीच हुआ विवाद बताया जा रहा है। अस्पताल के कर्मियों की माने तो बुधवार शाम डाॅ. दीपक ने अंकित से सिगरेट लाने के लिए कहा था, पर उसने मना कर दिया। इस पर डॉक्टर से उसकी कहासुनी हो गई। डाॅक्टर ने उसकी जमकर पिटाई की। घटना करीब सात बजे की है जब अंकित की छुट्टी हो चुकी थी और घर जाने के लिए तैयार था। इसके बाद से अंकित का फोन रिसाव नहीं हुआ। परिजन जब उसकी तलाश में अस्पताल पहुंचे तो एक सहकर्मी ने मोबाइल फोन लोकेशन ट्रेस की रेलवे स्टेशन के आसपास मिली।