गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज।
गोंडा। जिले में संक्रामक रोगों ने पिछले कई सालों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। ठंड बढ़ने के बावजूद भी डेंगू का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को नौ नए केस के साथ डेंगू संक्रमितों की संख्या 369 पहुंच गई है। पिछले साल डेंगू के 188 केस मिले थे। जबकि स्क्रब टाइफस के केस पिछले साल की तुलना में 17 गुना अधिक हो गए हैं। वर्ष 2022 में स्क्रब टाइफस के मात्र चार केस थे जो इस बार 70 पहुंच गई है।
सोमवार को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बुखार, जुकाम व पेट दर्द के 934 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं, अन्य बीमारी से मरीजों की संख्या 284 रही। अस्पताल के डेंगू वार्ड में छह मरीज भर्ती होकर उपचार करवा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि कई मरीज ऐसे भी आ रहे हैं, जिनका डेंगू पॉजिटिव न आने के बावजूद प्लेटलेट्स बहुत कम हो जा रहा है। इसलिए बुखार से पीड़ित सभी मरीजों की जांच करवाकर ही उपचार शुरू किया जाता है।
सफाई व छिड़काव न होने से बढ़ी समस्या -
संक्रामक बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण गंदगी व मच्छर होते हैं। नगर पालिका व ग्राम पंचायतों की ओर से सफाई व छिड़काव की व्यवस्था उचित ढंग से न होने के कारण बीमारी बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग का काम बीमार होने के बाद होता है। डेंगू पॉजिटिव आने पर विभाग की ओर से निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है।
- डॉ. एचडी अग्रवाल, एडी हेल्थ