गोंडा। नगर पालिका परिषद गोंडा में अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए चार्ज लगेगा। इधर-उधर कूड़ा फेंकने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। कूड़ा जलाने व भवन सामग्री फैलाने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नगर पालिका सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों पर सख्ती बरतेगा। साथ ही कूड़ा फेंककर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करेगा।
नगर पालिका में करीब पांच साल बाद शुक्रवार को नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2017 लागू कर दी गई। इसके तहत अब घरों से निकलने वाले तमाम तरह के कूड़े को अलग-अलग करके कूड़ेदान में डालना होगा। ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के मुताबिक, ऐसा न करने पर नगर पालिका परिषद इस कचरे को उठाने से इंकार कर सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
वहीं, बड़े होटलों से निकलने वाले कचरे का निपटारा होटल प्रबंधन को खुद ही करना होगा। उन्हें छोटे प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नहीं तो उन्हें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के मुताबिक, पांच हजार रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। कूड़े-कचरे का निपटान वैज्ञानिक तरीके से करने के लिए नगर पालिका अब लोगों के घरों से निकलने वाले कचरे को तीन अलग-अलग श्रेणियों में उठवाएगी।
अधिशाषी अधिकारी संजय कुमार मिश्र ने बताया कि इस कचरे को तीन अलग-अलग रंग के कूड़ेदानों में डालना होगा। गीला कूड़ा जैसे सब्जी, चाय बैग, सड़े फल, अंडे के छिलके आदि को हरे कूड़ेदान में डालें। बोतलें, चिप्स के रैपर, स्टेशनरी को नीले और खतरनाक कूड़ा जैसे रेजर, सेनेटरी पैड आदि को लाल कूड़ेदान में डालना होगा।
गोंडा नगर पालिका परिषद क्षेत्र में नई नियमावली लागू होने के बाद सख्ती बढ़ जाएगी। खुले में शौच पर 500 रुपये और अन्य गंदगी फैलाने पर 100 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नियमावली का उल्लंघन करना आपराधिक माना जाएगा। इस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकेगा। प्रथम दोष सिद्धि पर 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा। सड़क के किनारे भवन सामग्री रखने पर 50 रुपये अर्थदंड लगाया जाएगा। हर स्ट्रीट वेंडर को कूड़ादान रखना होगा। 100 से अधिक लोगों के एकत्र होने वाले समारोह के लिए आयोजन से तीन दिन पहले नगर पालिका को सूचना देनी होगी।