गोंडा। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी भी अब मरीजों का उपचार करेंगे। डॉक्टरों की कमी वाले सरकारी अस्पताल में ये अधिकारी सप्ताह में दो दिन ओपीडी करेंगे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन के आदेश के क्रम में सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को देखते हुए शासन का यह अच्छा निर्णय है। डॉक्टरों की कमी वाले अस्पतालों में एसीएमओ, सीएमएस, चिकित्सा अधीक्षक आदि अधिकारी सप्ताह में दो दिन कम से कम तीन घंटे ओपीडी करेंगे। अस्पताल का चयन चिकित्सक स्वयं करेंगे और वह संबंधित अधीक्षक से समन्वय बनाकर सेवाएं देंगे। बता दें कि जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की काफी कमी है। वहीं, सीएमओ के अधीन कई विशेषज्ञ चिकित्सक प्रशासनिक कार्य संभाल रहे हैं। यदि इनकी ओपीडी शुरू हो गई तो लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेज में एक भी नेत्र रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, जबकि एसीएमओ डॉ. जय गोविंद खुद नेत्ररोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान बाल रोग विशेषज्ञ व सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी एनेस्थेटिक हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी प्रशासनिक दायित्व संभालने के साथ ही ऑपरेशन में बतौर एनेस्थेटिक सहयोग कर रहे हैं।