गोंडा। राजधानी लखनऊ के कोर्ट परिसर में हुए जीवा हत्याकांड के बाद न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसके तहत सोमवार से कोई भी अधिवक्ता बिना पास के अपना वाहन न्यायालय परिसर के अंदर नहीं ले जा सकेगा। कचहरी परिसर में वाहनों के प्रवेश के लिए सिविल बार एसोसिएशन पास जारी करेगा।
लखनऊ में कोर्ट में पेशी पर आए अभियुक्त संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या को लेकर गृह विभाग ने पूरे प्रदेश में न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसी क्रम में न्यायालय व पुलिस-प्रशासन की ओर से सिविल कोर्ट परिसर में सुरक्षा के लिए आवश्यक गाइडलाइन जारी की गई है। जिसके तहत किसी भी व्यक्ति, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, क्लर्क (मुंशी) व स्टांप वेंडर को बिना वाहन पास के कोर्ट परिसर के अंदर वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि अधिवक्ताओं और पुलिस-प्रशासन की बैठक में निर्णय हुआ है कि वाहन पास सिविल बार एसोसिएशन जारी करेगा। कोई भी अधिवक्ता अपने वाहन की आरसी, अधिवक्ता पंजीकरण प्रमाणपत्र की छायाप्रति व 25 रुपये जमा करके वाहन पास प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अपील की है कि न्यायालय परिसर में प्रवेश में होने वाली असुविधा से बचने के लिए सभी अधिवक्ता, क्लर्क (मुंशी), स्टांप वेंडर अपना-अपना वाहन पास बनवा लें। अध्यक्ष ने बताया कि वकीलों के रजिस्टर्ड क्लर्क और रजिस्टर्ड स्टांप वेंडर को ही वाहन पास जारी किया जाएगा।