गोंडा। बिना फिटनेस के फर्राटा भर रहे 231 स्कूली वाहन बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। जिले के 60 फीसदी स्कूली वाहनों को फिटनेस ही नहीं है। प्राविधिक निरीक्षक ने संबंधित स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजा है। उन्हें बिना फिटनेस के स्कूली वाहनों को संचालन नहीं करने की हिदायत दी गई है। हादसा होने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी चेतावनी दी गई है।
जिले में तकरीबन एक हजार निजी स्कूल हैं। जहां दो लाख से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। निजी स्कूलों के प्रबंधन ने बच्चों के आने-जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था कर रखी है। संभागीय परिवहन विभाग में 702 स्कूली वाहनों का पंजीयन है। पंजीकृत स्कूली वाहनों के अलावा अन्य वाहनों से भी छात्र-छात्राओं को ढोया जाता है। निजी स्कूलों के सामने ही ऐसे तमाम वाहन खड़े रहते हैं। पंजीकृत स्कूली वाहनों के साथ ही ऐसे वाहनों का भी फिटनेस नहीं है। फिर भी इन्ही वाहनों से तकरीबन डेढ़ लाख बच्चों को स्कूल पहुंचाया जा रहा है।
प्राविधिक निरीक्षक संभागीय संजय कुमार ने बताया कि 231 स्कूली वाहनों की फिटनेस नहीं है। ऐसे स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजा गया है। जिसमें फिटनेस कराने की हिदायत दी गई है।
विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की माह के अंतिम सप्ताह में होने वाली बैठक में निजी स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को बुलाया गया है। प्रभारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में स्कूल प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा होगी।