गोंडा। जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर व पूर्व विधायक के बीच हुआ विवाद अभी शांत होने के आसार नहीं हैं। ईएमओ डॉ. रश्मि शर्मा एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ी हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस भी पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा नहीं लिख रही है। मगर वह सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेंगी, जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपना दर्द बयां करेंगी। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रश्मि शर्मा ने रविवार को पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी पर गाली देने व मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। डॉ. रश्मि ने बताया कि पहले तो कोतवाली में बताया गया कि रजिस्टर पर नहीं, सादे पेपर पर तहरीर लिखकर लाओ। फिर तहरीर पटल के प्रभारी न होने का बहाना बताकर घंटों इंतजार कराया गया। अभी भी पुलिस मुकदमा लिखने को तैयार नहीं है।
डॉ. रश्मि शर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी भी मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। मगर सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। पूर्व विधायक आकर माफी मांगें या पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। वह जिलाधिकारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाएंगी। वहीं, पूर्व विधायक के पुत्र राजेश रायचंदानी अपने पिता की ओर से क्षमा मांग चुके हैं।