गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद ने वजीरगंज थाना क्षेत्र में कूटरचित इकरारनामा से पैसे देने के लिए बाध्य करने व जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मनमोहन मिश्र ने बताया कि करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के आकिब ने पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि विपक्षी मोहम्मद मेराज निवासी सोनादासी पुरवा कोतवाली करनैलगंज से दो जून 2018 को दस लाख रुपये लिए थे।
इस रकम में सात लाख उसने चेक के माध्यम से लौटाए और तीन लाख रुपये मोहम्मद मेराज ने स्वयं एटीएम से निकाले। मगर रकम वापस करने के बावजूद मेराज ने फर्जी इकरारनामा तैयार कर दोबारा रकम देने के लिए दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी भी दी।
डीआइजी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन साक्ष्य न मिलने की बात कहते हुए न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। वादी के प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र पर न्यायालय ने 26 मई 2022 को अंतिम रिपोर्ट खारिज कर अग्रिम विवेचना का आदेश दिया। अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र की सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नासिर अहमद ने आरोपी मोहम्मद मेराज का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।