गोंडा। भूमि विवाद को लेकर अपशब्द कहते हुए घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास के मामले में दोषी नौ अभियुक्तों को न्यायालय ने सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मनकापुर क्षेत्र के ग्राम हरनाटायर मुरावनपुरवा निवासी राम उदार ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उन्होंने अपनी जमीन की पैमाइश कराई थी। बगल के चकदार ओमकेश्वर से उनका विवाद चल रहा था। 29 अगस्त 2021 की दोपहर हरनाटायर गांव के ओमकेश्वर, उसके पुत्र रजनीश व कृष्णकांत, भाई बिंदेश्वरी प्रसाद, सुरेश व उसके पुत्र नवनीत और सुशील तथा गांव के ही ननकुन, महेश, अमरनाथ तिवारी व एक नाबालिग बालक लाठी-डंडे, तमंचा व हथगोला लेकर उसके घर में घुस आए। हमलावरों ने अपशब्द कहते हुए पीटा और तमंचे से फायर करते हुए हथगोला दागा। पुलिस ने आरोपी ननकुन, बिंदेश्वरी प्रसाद, रजनीश, नवनीत व ननकुन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान 28 नवंबर 2017 को अभियोजन के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई कर न्यायालय ने आरोपी ओमकेश्वर, कृष्णकांत, सुरेश, सुशील, महेश, अमरनाथ तिवारी व एक बाल अपचारी को भी विचारण के लिए तलब कर लिया। मुकदमे के दौरान आरोपी बिंदेश्वरी प्रसाद की मृत्यु हो गई। 23 अक्तूबर 2022 को अदालत के आदेश पर आरोपी बाल अपचारी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई। ट्रायल के दौरान साक्ष्य के आधार पर अदालत ने नौ अभियुक्तों को दोषी करार किया। मंगलवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रामदयाल ने ओमकेश्वर, रजनीश, कृष्णकांत, ननकुन, सुरेश, नवनीत, सुशील, महेश व अमरनाथ तिवारी को 10-10 साल सश्रम कारावास व 21-21 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।