गोंडा। जिले के वरिष्ठ इतिहासकार माधवराज सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम में जनपद के योगदान की इतिहास लेखन में उपेक्षा किए जाने पर अफसोस जताया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने लगभग 900 पेज की बुकलेट छापी है। पुस्तक में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857-58 में अवध क्षेत्र के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के योगदान का जिक्र नहीं किया गया है। बोले चहलारी नरेश बलभद्र सिंह, गोंडा के राजा देवीबक्श सिंह समेत कई शहीदों और सेनानियों का नाम छोड़ दिया गया है। यह न केवल उनका अपमान है बल्कि इतिहास से छेड़छाड़ है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे और इसे संशोधित कराने की मांग करेंगे।