गोंडा। जिले में जांच व टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रयास रंग ला रहे हैं। यूपी डैसबोर्ड के हेल्थ रैंकिंग में एचआईवी जांच करने में गोंडा को पहला स्थान मिला है। साल भर में 97,032 गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच की गई। शून्य से एक साल तक 96032 बच्चों को बीमारी रोधी टीका लगाकर जिला पहले पायदान पर रहा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवतियों का पंजीकरण, एचआईवी जांच, बच्चों का टीकाकरण समेत 17 संकेतांकों पर प्रदेश की ओर से रैंकिंग जारी की जाती है। शनिवार देरशाम यूपी हेल्थ डैसबोर्ड की रैंकिंग जारी किया गया। जिसमें गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच करने में गोंडा पहले स्थान पर रहा। जबकि 98.94 प्रतिशत जांच कर मिर्जापुर दूसरे तथा 98.21 प्रतिशत महिलाओं की एचआईवी जांच कर रामपुर को तीसरा स्थान मिला। पूर्ण प्रतिरक्षण मामले में गोंडा को पहला, गोरखपुर को दूसरा व गाजीपुर को तीसरा स्थान मिला।
गर्भवती महिलाओं को एचआईवी संक्रमित होने से बचाने के लिए महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की जाती है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से गांवों में शिविर लगाकर गर्भवतियों की जांच की जाती है।
स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान है। अधिकांश संकेतांकों में जिले का हलधरमऊ विकासखंड सबसे बेहतर रहा। हलधरमऊ के ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक सत्येंद्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जयगोविंद, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, सहायक शोध अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव, को प्रोत्साहित किया जाएगा।