गोंडा। पढ़ाई के साथ अब छात्रों की सेहत संवारने की पहल अब स्कूलों में होगा। जिले के जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में किशोर स्वास्थ्य क्लब का गठन प्रधानाचार्य करेंगे। क्लब से स्वास्थ्य विभाग के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सीधे जुड़ेंगे। उन्हें मुख्य संरक्षक बनाया जाएगा। वह समय- समय पर छात्रों को स्वास्थ्य की सलाह देंगे। जिले के 901 उच्च प्राथमिक व 485 माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 10 वर्ष से 19 वर्ष की आयु के करीब ढ़ाई लाख विद्यार्थियों को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ्य बनाने के लिए यह पहल हो रही है। पहले चरण में सभी स्कूलों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से फर्स्ट एड बाक्स भी मिलेंगे।
प्रधानाचार्य क्लब के संरक्षक होंगे, एक पुरुष व एक महिला अध्यापक को हेल्थ ब्रिगेडियर व हर कक्षा में एक छात्र व एक छात्रा को हेल्थ कैप्टन बनाया जाएगा। स्कूलों में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र, स्काउट व गाइड के छात्र - छात्राओं को भी हेल्थ कैप्टन बनाया जाएगा। फिर हेल्थ ब्रिगेडियर हर सप्ताह क्लब के माध्यम से स्वास्थ्य सत्रों का आयोजन करेंगे। सदस्यों को प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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प्रशिक्षित शिक्षक छात्रों को देंगे प्रशिक्षण
उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में किशोर स्वास्थ्य क्लब से गतिविधियों के आयोजन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाएगी। छात्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के तरीकों का प्रशिक्षण होगा।
प्रशिक्षित शिक्षक स्कूल के कुछ छात्रों को वालंटियर के रूप में प्रशिक्षण देंगे। किशोरों को जागरूक करते हुए लैंगिक समानता और जीवन कौशल पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की पहल होगी।
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फैक्ट फाइल
- जूनियर हाईस्कूल - 901
- इंटर कालेज - 485
- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी - 350
- जूनियर हाईस्कूल के छात्र - एक लाख
- इंटर कॉलेजों के छात्रों की संख्या- डेढ़ लाख
प्रधानाचार्यों को दिए हैं निर्देश
- स्कूलों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को सेहत के बारे में जानकारी दिए जाने की पहल की जा रही है। प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं।
- राकेश कुमार, डीआईओएस