गोंडा। सड़क सुरक्षा माह के अंतिम चरण में बुधवार को प्रशिक्षण का समापन हुआ। इसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की आईरैड परियोजना के अंतर्गत सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि 861 सड़क दुर्घटनाओं का विवरण ऑनलाइन अपलोड किया गया है।
एनआईसी में आयोजित प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला सूचना विज्ञान अधिकारी गिरीश कुमार ने की। एनआईसी के जिला रोल आउट मैनेजर फैसल फत्ताह ने स्वास्थ्यकर्मियों को ऑनलाइन डेटा जैसे घायलों/मृतकों के नाम व पता, उपचार से संबंधित संपूर्ण विवरण, मेडिकल रिपोर्ट तथा पुलिस जांच से संबंधित रिपोर्ट आदि भरने के विषय में डेमो एप के माध्यम से तकनीकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से ही घायलों की मेडिकल रिपोर्ट, डिस्चार्ज रिपोर्ट, ड्रंक एंड ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट, के साथ-साथ मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करके संबंधित थाने को ऑनलाइन सूचित करेंगे, जिससे पुलिस को अपनी आईडी पर उस एक्सीडेंट को लिंक करने के पश्चात सभी वांछित रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी।
जिससे विवेचना में भी तेजी आएगी। जिले में जनवरी 2021 से अब तक कुल 861 सड़क दुर्घटनाओं का आईरैड एप के माध्यम से विवरण अपलोड किया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी टीपी जायसवाल सहित अन्य मौजूद रहे।