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Gonda News: कार्यशाला में प्रधानों का हंगामा, मांगा हक

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गोंडा में कार्यशाला के बाद हंगामा करते प्रधान।
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गोंडा। स्वच्छ भारत मिशन फेज- टू की कार्यशाला में प्रधानों ने बवाल कर दिया। कार्यशाला का शुभारंभ उपनिदेशक पंचायती राज आरएस चौधरी व परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने किया। थोड़ी देर तक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। लेकिन इस बीच प्रधान नारेबाजी करने लगे। प्रधानों का कहना है कि जिस तरह की पाबंदी की जा रही है, उससे विकास कार्य कर पाना संभव नहीं है। इसके बाद प्रधानों ने कार्यशाला का बहिष्कार कर दिया।
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प्रधानों के तेवर को देखकर अधिकारियों ने आनन- फानन में प्रमाण पत्रों का वितरण कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा कर दी। प्रधानों का कहना है कि उन्हें कार्य ही नहीं करने दिया जा रहा है। ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था कर दी गई है, इससे श्रमिकों की हाजिरी नहीं लग रही है। कारण कई गांवों में नेटवर्क की समस्या है। ऑपरेशन कायाकल्प से जबरन कार्य कराया जा रहा है।

मनकापुर गुनौरा के कृष्ण कुमार वर्मा ने कहा कि कार्य नहीं करने दिया जा रहा है। प्रधानों के अधिकारों का हनन हो रहा है। प्रधान मोहम्मद गनी का कहना है कि प्रशासन को प्रधानों की मांगों का निस्तारण करना चाहिए। इस तरह अधिकतर प्रधानों ने कार्यशाला का बहिष्कार किया।
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सकते में आ गए सचिव, अफसरों के साथ रहे खड़े कार्यशाला में जिले के प्रधानों के साथ ही सचिवों को भी बुलाया गया था। जब प्रधानों ने हंगामा शुरू किया तो सचिव सकते में आ गए। वह भौचक्के हो गए कि, अब यहां किसके साथ खड़े हों अधिकारियों के पास पहुंचे और कार्यक्रम को जल्दीबाजी में समाप्त कराने में सहयोग करने लगे।
कार्यशाला में नहीं पहुंचे आयुक्त और डीएम
स्वच्छ भारत मिशन की कार्यशाला में आयुक्त और डीएम को जाना था। स्नातक एमएलसी चुनाव की तैयारियों में व्यस्त होने के कारण आयुक्त और डीएम नहीं गए। इससे वहां पर पंचायत राज व ग्राम्य विकास के अधिकारियों ने कार्यशाला का शुभारंभ करा दिया। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक अभय प्रताप सिंह रमन का कहना है कि कार्यशाला की तिथि पहले से तय थी। ऐसे में कराया गया, उनका कहना है कि प्रधानों ने कार्यशाला समापन के बाद अपनी बात कही है।
स्वच्छ भारत मिशन की कार्यशाला हो गई थी। उसके बाद प्रधानों ने अपनी बात रखी है, प्रधानों के मांगों का ज्ञापन पहले भी मिल चुका है। अधिकारियों से समस्या की जानकारी ली जाएगी।
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आरएस चौधरी, उपनिदेशक पंचायत राज
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