गोंडा। कूटरचित कागजातों के आधार पर फर्म बनाकर और बिना माल सप्लाई किए ही फर्जी बिल तैयार कर डाला। जिसके जरिए 37 लाख 73 हजार रुपए टैक्स की हेराफेरी की। इसका खुलासा राज्य कर विभाग के अधिकारियों की जांच में हुई। जिस पर सहायक आयुक्त समीर श्रीवास्तव ने चार जालसाजों के खिलाफ कोतवाली नगर में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
मंगलवार राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त अजय कुमार लाल ने बताया कि नगर के इमिलिया गुरदयाल निवासी प्रभाकर ने राजा मोहल्ला के कृष्ण मोहन तिवारी व संदीप कुमार गुप्ता के साथ मिलकर इमिलिया गुरदयाल के इमरान के पते से बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई के लिए विभाग से मेसर्स तिरुपति ट्रेडिंग कंपनी बनाई। जांच में इमरान के बारे में पता चला कि वह एक साल से दुबई में है।
राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने अभिलेखों के आधार पर जब सत्यापन कराया तो व्यापार स्थल फर्जी मिला। विभाग का दावा है कि कृष्ण मोहन तिवारी ने जांच अधिकारियों को बताया कि अभिषेक श्रीवास्तव निवासी गुडडूमल चौराहा के सलाह पर फर्जी अभिलेख से फर्म बनाकर उसका पंजीयन कराया। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि आरोपी प्रभाकर, कृष्ण मोहन तिवारी और संदीप गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।