गोंडा। समर्थन मूल्य योजना के तहत धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद 83 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए। लेकिन अभी तक धान बेच चुके किसानों का 17 करोड़ रुपये का भुगतान उनके खाते में नहीं किया गया। जिससे उन्हें बैंकों का चक्कर काटना पड़ रहा है। पहली नवंबर से जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीद शुरू हुई थी। छह एजेंसियों ने जिले के 107 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की शुरुआत की। इसके बाद शासन ने 98000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया था।
इधर, 20 जनवरी शाम तक 15780 किसानों से धान खरीद कर लक्ष्य पूरा कर लिया गया, जिससे 83 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए। क्रय एजेंसियों की लापरवाही से किसानों का 17 करोड़ 45 लाख रुपये भुगतान नहीं हो सका। शासन का निर्देश है कि धान खरीद करने के 48 से 72 घंटे में किसानों के खाते में भुगतान कर दिया जाए। खाद्य विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 114 फीसदी, पीसीएफ ने 106 फीसदी, यूपीपीसीयू ने 83 फीसदी, यूपीएसएस ने 68 फीसदी, भारतीय खाद्य निगम ने 68 फीसदी धान खरीदा। कृषि उत्पादन मंडी समिति ने 54 फीसदी धान खरीद की है।
डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि जिन किसानों के खाते का ई-केवाईसी नहीं हुआ है। उनका ही भुगतान रुका है। बिना ई-केवाईसी के किया भुगतान वापस हो जाता है। क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है कि किसानों से मिलकर उनके खाते का ई-केवाईसी कराने में मदद करें।