फोटो-15-गोंडा में पिता की हत्या में गिरफ्तार पुत्र व उसके साथी के बारे में जानकारी देते एएसपी। -संव?
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रूपईडीह (गोंडा)। प्रापर्टी और धन की लालच में पूर्व गन्ना पर्यवेक्षक की हत्या उसके बेटे ने ही अपने एक दोस्त के साथ मिलकर की थी। रविवार को वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी बेटे व उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पांच हजार नगदी, हत्या में प्रयुक्त बाइक व बेडशीट बरामद की है। पुलिस ने दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। दोनों को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बहराइच जिले के विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के ककरहा रानियापुर गांव निवासी राम सेवक तिवारी गन्ना सहकारी विकास समिति मैजापुर में गन्ना पर्यवेक्षक थे। वर्ष 2015 में गन्ना पर्यवेक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। कौड़िया थाना क्षेत्र के घुचुवापुर कस्बे में उन्होंने एक आवास बना रखा था।
उनका बेटा प्रवीन कुमार तिवारी दुकान करता है। रामसेवक तिवारी दुकान की रखवाली के लिए रात में दुकान पर सोने आते थे। 15 अगस्त की रात 10 बजे दुकान पर पहुंचे। वहां से रात 11 बजे बजे खेत देखने के लिए गए थे। उनका बेटा खेत की रखवाली कर रहा था। वहां बेटे से दुकान पर जाने के लिए बताकर निकले थे, मगर वह नहीं पहुंचे। प्रवीण कुमार तिवारी ने फिरौती के लिए अपहरण की रिपोर्ट थाना कौड़िया में दर्ज कराई थी। 17 अगस्त देर शाम पूर्व गन्ना पर्यवेक्षक का शव खरगूपुर थाना क्षेत्र के फरेंदा शुक्ल गांव के पास सरयू नहर में बोरे में उतराता मिला था।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अपहरण की धारा को हत्या व साक्ष्य छिपाने में तरमीम किया। जांच में पता चला कि धन की लालच में पूर्व गन्ना पर्यवेक्षक के बेटे प्रवीण तिवारी ने अपने दोस्त घुचुवापुर मौजा कोचवा के रहने वाले रामकृपाल पाठक उर्फ बड़कऊ के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी। शव को छिपाने के इरादे से एक बोरी में शव को भरकर उसमें ईंट भर दी। बाइक से बेडशीट से ढककर आर्यनगर पुलिया से नहर में फेंक दिया।
पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पुलिस टीम ने दोनों अभियुक्तों को रविवार को ग्राम रनियापुर ककरहवा मोड़ के सहजनवा गांव के पास से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बड़कऊ के पास से 4600 रुपये, बाइक व बेडशीट के साथ प्रवीण के पास से 400 रुपये बरामद हुए हैं।
10 हजार में किया था पिता की हत्या का सौदा
पूर्व गन्ना पर्यवेक्षक रामसेवक तिवारी के बेटे प्रवीण तिवारी ने अपने साथी बड़कऊ से पिता की हत्या करने का सौदा 10 हजार रुपये में किया था। इसके लिए प्रवीण ने उसे दस हजार दिए थे। जिसके बाद बड़कऊ के संग मिलकर पिता की हत्या की थी।