गोंडा। बहुचर्चित हत्याकांड में एक सप्ताह पूर्व अदालत में आत्मसमर्पण करने वाले एक आरोपी से पूछतांछ के लिए पुलिस को मात्र सात घंटे की सशर्त रिमांड ही मंजूर हुई है। विवेचक के आवेदन पर प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सुषमा ने यह स्वीकृत प्रदान की। दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या के इस मामले में अब तक एक महिला समेत पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस इस मामले में अभी तक घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद नहीं कर सकी है।
छपिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तांबेपुर की ग्राम प्रधान के पुत्र दुर्गेश सिंह उर्फ भोलू सिंह बीते 26 जून को गांव में स्थित मंदिर पर भंडारे की तैयारी कर रहे थे इसी दौरान बदमाशों ने गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी। मृतक के भाई राहुल सिंह की तहरीर पर नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
सोमवार को अभियुक्त अभिषेक वर्मा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा बरामद करने के लिए मुकदमे के विवेचक व क्राइम ब्रांच के निरीक्षक विजय बहादुर सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष व बचाव पक्ष के अधिवक्ता अतुल द्विवेदी के बीच तीखी बहस हुई। इसे सुनने के बाद प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सुषमा ने मात्र सात घंटे के लिए आरोपी का पुलिस रिमांड स्वीकृत किया।
न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त की पुलिस अभिरक्षा रिमांड की अवधि मंगलवार को सुबह नौ बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक रहेगी। इस दौरान अभियुक्त को अपने अधिवक्ता की सहायता लेने का भी पूरा अधिकार होगा। लेकिन अधिवक्ता एक निश्चित दूरी से ही पुलिस की कार्रवाई देख सकेंगे। अभियुक्त चाहे तो पुलिस के पूछतांछ की वीडियोग्राफी भी अपने स्वयं के खर्च पर करा सकता है।