वजीरगंज के धनेश्वरपुर दुवाबा स्थित घर के सामने बैठी सलमान की मां। - संवाद
गाेंडा। यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए तरबगंज थाने के रामापुर निवासी मोहम्मद रईस ने कई राज उगले हैं। उसी से जानकारी मिलने पर वजीरगंज के दुवाबा धनेश्वरपुर गांव के सलमान को भी गिरफ्तार किया गया है। दावा है कि वह भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़ा है और रईस के साथ मिलकर काम करता था। सलमान के नाम का खुलासा होने से वजीरगंज में खलबली है।
जिले में यूपी एटीएस ने बीते 16 जुलाई को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सदस्य मो. रईस को गिरफ्तार किया था। रईस ने एटीएस को बताया कि उसने मोहम्मद सलमान सिद्दीकी को जासूसी करने के लिए जोड़ा था। रईस को जासूसी करने के एवज में जो रकम पाकिस्तानी एजेंटों से मिलती थी, वह सलमान के हवाले कर देता था। सलमान अपने हिस्से की रकम लेकर रईस के पैसे उसके बैंक खाते में जमा कर देता था। एक तरह से रईस ने सलमान को अपना खास कारिंदा बना रखा था।
सलमान की गिरफ्तारी से जहां परिवार सदमे में है, वहीं गांव के लोग हैरत में हैं। सलमान की 49 वर्षीय मां हुसैना बेसुध सी हो गई है।
धनेश्वरपुर के दोआबा के निवासी सलमान ने पास के ही एक स्कूल से हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। पिता मो. अली (51) बेटे की करतूत से शर्मसार है। वह इतना ही कह पा रहा है कि जो सपने में नहीं सोचा, वह सुनने को मिल रहा है। अगर सलमान दोषी है तो सरकार कड़ी कार्रवाई करे। देश से गद्दारी बर्दाश्त नहीं है।
सलमान का बड़ा भाई सद्दाम (29) भी उसके मामले में कुछ कह नहीं पा रहा है। बस आंखें भर आती हैं। सलमान दूसरे नंबर पर है। तीसरा भाई अरमान (21), चौथा रहमान (18) और एक भाई और एक बहन नाबालिग हैं। सलमान के पिता ने मुंबई में चूड़ी बेचकर परिवार का भरण पोषण किया। उसने बड़े बेटे सद्दाम का विवाह चार वर्ष पूर्व ग्राम सेमरा थाना तरबगंज के मुबारक की बेटी से किया था। उसके एक वर्ष की पुत्री है। सद्दाम खोंरहसा के समीप जोकाही स्थित जामा मस्जिद गरीब नवाज मदरसे में पढ़ाता है। तीसरा बेटा अरमान इटियाथोक के महाराजगंज बाजार में मस्जिद मदरसा में उर्दू पढ़ रहा है। चौथा बेटा रहमान अपने चाचा मुख्तार अहमद के पास गोवंड़ी, शिवाजीनगर मुंबई में रहकर सिलाई का काम सीख रहा है। मुख्तार की वहां लोवर व पैंट सिलाई का कारखाना है। पूरा परिवार सलमान की करतूत से दुखी है।