गोंडा में धूप से बचने को दुपट्टा ओढ़कर जातीं युवतियां। - संवाद
गोंडा। जिले में कई दिन से गर्मी का सितम जारी है। सोमवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से शाम तक तेज धूप और गर्म हवा ने सबका पसीना छुड़ा दिया। भीषण गर्मी के चलते लोग बेहाल नजर आए। दूसरी ओर हीट-स्ट्रोक से शहरी इलाकों के बाजार व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। सबसे अधिक परेशानी मजदूरों व पैदल चलने वाले राहगीरों को उठानी पड़ी। झुलसा देने वाली गर्मी से फिलहाल लोगों को राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दो से तीन दिन तक इसी प्रकार भीषण गर्मी का कहर जारी रहने की संभावना है। मई के तीसरे सप्ताह से जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सुबह होते ही तेज धूप और दोपहर के 12 बजते ही भीषण गर्मी के साथ गर्म हवा के थपेड़ों ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। आसमान से बरस रही आग के चलते कम ही लोग बाजारों में देखे जा रहे हैं। रविवार को शहर के एलबीएस चौराहा, आंबेडकर चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहे पर दोपहर में सन्नाटा पसरा दिखाई पड़ा। चंद लोग निकल भी रहे थे मगर वे गर्मी से बचने के लिए छाता, रूमाल और साफी का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे थे।
भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती लोगों की दुश्वारी बढ़ा रही है। सरकार शहर में 24 घंटे, ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 18 घंटे व नलकूप फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति देने का दावा कर रही है। मगर हकीकत में शहरी क्षेत्र को तीन से चार घंटे व ग्रामीण क्षेत्र को दस घंटे तक कई बार में अघोषित बिजली कटौती का सामना कर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र के प्रत्येक फीडर पर फाल्ट व लाइन मरम्मत के नाम पर घंटों बिजली गुल रहती है। कर्मचारी 24 घंटे पेट्रोलिंग व लाइनों की मरम्मत के लिए जूझते रहते हैं।
पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता राम नरेश ने बताया कि गर्मी शुरू होने के पहले कई लाइनों के जर्जर तार व ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। फाल्ट होने पर ही लाइन ब्रेकडाउन होती है। मगर जल्द ही आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया जाता है।