गोंडा। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को पेंशनर्स दिवस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त और पारिवारिक पेंशनरों का दर्द छलक उठा। इस दौरान मंडल मुख्यालय पर पेंशनर कक्ष को खाली न कराने को सवाल उठे। व्हाट्सअप के जरिए जीवित होने का प्रमाण पत्र व्यवस्था लागू करने की भी मांग हुई। पेंशनरों का कहना था कि सीएमओ व अन्य विभागीय कार्यालयों में चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पारित करने में बिना वजह देरी की जाती है। कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी उज्जवल कुमार ने कहा कि अधिकारियों को इस बात को याद रखना चाहिए कि उन्हें भी एक दिन रिटायर होना है।
कार्यक्रम में उप्र पेंशनर्स कल्याण संस्था के जिलाध्यक्ष केबी सिंह ने कहा कि शासनादेश में स्पष्ट है कि सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन का समय-समय पर संबंधित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष पुनरीक्षण करते रहेंगे। मगर विभागीय अधिकारी प्रार्थना पत्र को सालों लटकाए रखते हैं। बताया कि पारिवारिक पेंशनर सरोजरानी त्रिपाठी का प्रकरण बीते पेंशनर्स दिवस पर उठाया गया था, अभी तक स्थिति जस की तस है। वहीं, नायब तहसीलदार से सेवानिवृत्त राम विलास और पारिवारिक पेंशनर गौसिया बेगम को पुनरीक्षण का लाभ नहीं मिल पाया। पेंशनर जगदंबा शुक्ल ने जीवित प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग रखी।
पेंशनरों को नहीं मिल रही कैशलेस सुविधा
मंत्री अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी बिल सीएमओ व अन्य कार्यालयों में सालों तक लंबित रहते हें, जिससे बीमार पेंशनरों को इलाज कराने में कठिनाई होती है। उपाध्यक्ष एनबी सिंह ने कहा कि अधिकृत चिकित्सालयों की सूची जारी न होने से पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
समस्याओं की समीक्षा को नियमित बैठक हो
कोषाध्यक्ष प्रेमशंकर लाल श्रीवास्तव ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक पेंशनरों की समस्याओं की समीक्षा के लिए नियमित बैठकों का होना जरूरी है। संयुक्त मंत्री प्रदीप श्रीवास्तव समेत संस्था के अन्य पदाधिकारियों ने शासनादेश के अनुसार कोषागार के निकट बनाए पेंशनर कक्ष को खाली कराने की मांग की। संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के संयोजक गुलाब चंद्र तिवारी ने पेंशनरों को 65, 70 और 75 वर्ष तक पांच, 10 व 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने, 30 जुलाई व 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त पेंशनरों को एक छूटी हुई वेतन वृद्धि प्रदान करने और मंत्री शत्रुहन सिंह ने पेंशनर्स दिवस पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति व प्रत्यावेदनों पर सार्थक कार्रवाई की मांग उठाई।
सेवानिवृत्त से एक सप्ताह पहले पूरी करें तैयारी
कार्यक्रम के दौरान जिला अधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने कहा कि सरकारी सेवा से सभी की एक दिन सेवानिवृत्ति तय है। अधिकारियों को याद रखना चाहिए कि एक दिन उन्हें भी रिटायर होना है। कहा कि अधिकारी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण कराएं ताकि किसी भी पेंशनर को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को निर्देश दिया कि सेवानिवृत्ति तिथि से एक सप्ताह पूर्व ही देयकों, पेंशन आदि की कार्रवाई पूरी करा लें। जिलाधिकारी ने वयोवृद्ध पेंशनर फतेह बहादुर श्रीवास्तव व कृष्णकांत श्रीवास्तव को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पेंशनर के मसीहा धर्म स्वरूप नाकरा के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। संचालन नजमी कमाल खान ने किया। इस मौके पर मुख्य राजस्व अधिकारी जयनाथ यादव, नगर मजिस्ट्रेट अर्पित गुप्ता, एसडीएम सदर बीके सिंह, कोषागार कर्मीे अजय जायसवाल, कन्हैया लाल, आशीष सिंह, पेंशनर कल्याण संस्था के अध्यक्ष केबी सिंह, मंत्री अनिल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एनबी सिंह आदि उपस्थित रहे।