गोंडा। पढ़ाई रुचिकर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद की है। परिषदीय विद्यालयों पर 39.43 लाख रुपये का बजट खर्च होगा। 2629 परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नए तरीके से शिक्षा देने के लिए बजट से शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) की खरीद होगी। सामग्री क्रय के लिए प्रत्येक स्कूल को 15 सौ रुपये का बजट मिलेगा।
विद्यालयों में प्रोजेक्ट बेस्ड, कॉन्सेप्ट बेस्ड, जॉयफुल लर्निंग एवं क्रिटिकल थिंकिंग व कक्षा-कक्ष के वातावरण को बाल केंद्रित एवं आनंददायी बनाए जाने के उद्देश्य से कक्षावार शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) रहेगा। अलग अलग टीएलएम सूची प्रस्तावित की गई है। सूची में प्राथमिक कक्षाओं के लिए अलग और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए अलग अलग टीएलएम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस शिक्षण अधिगम सामग्री के विषय वार तैयार किया जाना है।
विज्ञान, भूगोल और सामाजिक विज्ञान के विषयों के लिए कौन सा टीएलएम तैयार करना है, इसकी सूची भी जारी की गई है। टीएलएम तैयार करने के लिए लगने लाली सामग्री की खरीद स्कूलों को 1500 रुपये के बजट से करना है। इसमें कार्डबोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, फेवीकोल, गोंद की बोतल, कैंची, धागा एवं ऊन, सुई, माचिस की डिब्बी, रिबन, मोजा, आइसक्रीम स्टिक, डिस्पोजेबल ग्लास, डबल साइडेड टेप, बोल्ड मार्कर, स्ट्रॉ, रबर बैंड, सचित्र वर्णमाला, विज्ञान भूगोल तथा गणित के सूत्रों एवं अवधारणाओं से संबंधित चार्ट पेपर व अन्य की खरीद की जानी है।
सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़ेंगे अभिभावक
सामाजिक सुरक्षा योजना परिषदीय स्कूलों में लागू किया गया है। शिक्षकों के प्रशिक्षण व सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत रजिस्टर खरीद के लिए 2.62 लाख रुपये जारी किए गए हैं। योजना से छात्र व अभिभावकों को जोड़ा जाएगा। इसके तहत परिषदीय स्कूलों के शिक्षक सरकारी योजनाओं से वंचित पात्रों को लाभ दिलायेंगे। योजना से परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में एक रजिस्टर बनाया जायेगा। जिसमें प्रत्येक बच्चे के सामने बच्चे के माता-पिता या संरक्षक का नाम तथा यदि वह सामाजिक सुरक्षा योजना के लाभार्थी हैं तो योजना लिखा जाएगा। यदि वह किसी योजना के पात्र हैं और लाभ नहीं मिला तो वह भी दर्ज होगा। उन्हें योजना का लाभ दिलाने का प्रयास स्कूल के प्रधानाध्यापक करेंगे।
माहौल बेहतर बनाने का प्रयास
- परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक माहौल बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों के ठहराव के साथ ही अभिभावकों के जुड़ाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- अखिलेश प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी