नवाबगंज (गोंडा)। क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा में कथा व्यास आचार्य डॉ. भोलानाथ तिवारी ने धनुष यज्ञ के कारण एवं आयोजन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के बिना उत्तम राष्ट्र की कल्पना करना ही व्यर्थ है।
किसी भी राष्ट्र के शासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रभु श्रीराम के द्वारा की गई लीला के अंतर्गत जो नियम, पद्धति, व्यवस्थाएं अपनाई गईं वह आज के समाज में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। राम के आदर्शों पर ना केवल भारत ही अपितु पश्चिम के देशों में भी बड़े-बड़े विद्वानों द्वारा शोध किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रवेश में चल रही गीत - संगीत, फिल्म, राजनीति आदि सामाजिक व्यवस्था दिशाहीन है। इस व्यवस्था में सुधार के लिए रामचरितमानस को आधार बनाकर बड़े स्तर पर परिवर्तन करने की आवश्यकता है।
महोत्सव में प्रमुख रूप से रजनीश कमलापुरी, गौरी शंकर गुप्ता, अशोक कुमार, महेश पांडेय, विनोद कुमार गुप्ता, अरुण कुमार सिंह उपस्थित रहे। संवाद