गोंडा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने युवक की हत्या कर साक्ष्य मिटाने में मुख्य अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा के साथ 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) बसंत कुमार शुक्ला ने बताया कि वादी अनिल कुमार सिंह निवासी वजीरगंज ने 10 नवंबर 2018 को थाना वजीरगंज में तहरीर देकर पुत्र वरुण सिंह उर्फ मंटू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके रिश्तेदार बबलू सिंह ने फोन पर बताया कि मंटू का शव बलरामपुर में राप्ती नदी में पड़ा है। पता चला कि नवाबगंज के मोहल्ला पड़ाव में रहने वाले कृष्ण कुमार कौशल उर्फ पप्पू बेटे को कार में बैठाकर ले गए थे। उसे पूर्ण विश्वास है कि उन्होंने ही हत्या कर शव छिपाने की नीयत से राप्ती नदी में फेंक दिया है।
पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और हत्या व साक्ष्य मिटाने के अपराध का पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी कृष्ण कुमार कौशल व नगर कोतवाली के मोहल्ला नौशहरा निवासी राकेश कौशल के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के अपराध का पुख्ता सबूत मिलने पर आरोपी कृष्ण कुमार को दोष सिद्ध किया और संदेह से परे साक्ष्य के अभाव में आरोपी राकेश कौशल को दोषमुक्त कर दिया। बृहस्पतिवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेंद्रमणि त्रिपाठी ने आरोपी कृष्ण कुमार को हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में सजा सुनाई।