गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र में तीन साल पहले एक किशोर की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोषियों को उम्रकैद और 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार पाठक ने बताया कि कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया हरिवंश निवासी रामफेर ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया था।
इसमें बताया था कि 10 अक्तूबर 2020 को सुबह आठ बजे उसका 17 साल का बेटा रामपाल चाय पीकर गांव के उत्तर चमदई नाला के किनारे चारा काटने गया था। काफी देर बाद भी वह नहीं आया तो तलाश करने पर दीनानाथ के गन्ने के खेत में उसकी लाश मिली।
वादी ने आरोप लगाया कि रंजिश के कारण गांव के रामकृपाल व भगवानदीन ने धारदार हथियार से मारकर बेटे की हत्या कर दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने रामकृपाल व भगवानदीन को दोषी करार दिया। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने सजा सुनाई।