गोंडा। सिपाही के बेटे की गला दबाकर हत्या के मामले में दोषी दो अभियुक्तों को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली नगर परिसर स्थित सरकारी आवास में रहने वाले मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार सिंह ने कोतवाली में प्रार्थनापत्र देकर कहा कि 14 अक्तूबर 2020 को 11 बजे उनका 22 साल का बेटा हर्षवर्धन सिंह बाइक से अपना मोबाइल खोजने निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। 16 अक्तूबर 2020 को सविता आईटीआई के पीछे झाड़ी के पास हर्षवर्धन का शव पड़ा मिला। उसकी बाइक में पास में गिरी पड़ीथी। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और गला दबाकर हत्या के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी अमित श्रीवास्तव उर्फ लाला निवासी इमिलिया गुरुदयाल व विजय सिंह उर्फ बाबू निवासी टैगोर नगर काॅलोनी बहराइच रोड के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त अमित श्रीवास्तव व विजय सिंह को दोषी करार दिया। मंगलवार को निर्णय सुनाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने दोषी अभियुक्त अमित श्रीवास्तव व विजय सिंह को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।