गोंडा। करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में जेवर मांगने के विवाद में हत्या के सात साल पुराने मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय ने दो अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी के अनुसार करनैलगंज के ग्राम दुर्जनपुरवा मौजा कुंवरपुर अमरहा निवासी हरीराम ने 10 अगस्त 2015 को स्थानीय कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि उसका छोटा भाई सिपाही लाल गांव के सेठलाल व द्वारिका के घर पर अपनी पत्नी के जेवर मांगने बार-बार जाता था। जेवर नहीं लौटाने की नीयत से सेठलाल व द्वारिका ने उसके भाई सिपाही लाल को मार डाला और शव को कन्हैया दूबे के खेत में फेंक दिया।
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर विवेचना की और जेवर के लेनदेन के विवाद को लेकर सिपाही लाल की हत्या के आरोपी सेठलाल व द्वारिका के खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्र कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त सेठलाल व द्वारिका पर हत्या में दोषसिद्घ करते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर डेढ़ माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।