गोंडा। देहात कोतवाली क्षेत्र में 24 साल पहले सरेशाम सिपाही की हत्या और लूट के प्रयास के मामले में सोमवार को अदालत ने सजा सुनाई। दोषी को आजीवन कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम निंदूरा निवासी गुलशाद अहमद खां ने 23 अगस्त 1999 को देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि वह बलरामपुर के पचपेड़वा थाने में सिपाही पद पर तैनात अपने मामू फखरुर्रहमान के साथ नई सुजुकी बाइक खरीदकर घर जा रहे थे। गाड़ी वह स्वयं चला रहे थे।
शाम करीब छह बजे जब वह लखनऊ रोड पर ग्राम माधवपुर राय के सामने पहुंचे तो पीछे से लाल यामाहा बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने आवाज देकर रोक लिया। दो बदमाश बाइक से उतरकर आए और तीसरा बाइक स्टार्ट किए रहा। दोनों बदमाशों ने फखरुर्रहमान को गाड़ी से उतार लिया और एक हाथापाई करने लगा। इसी बीच दूसरे ने फखरुर्रहमान पर पिस्टल से फायर कर दिया लेकिन उन्हें गोली नहीं लगी। इसके बाद उसने फखरुर्रहमान के सिर पर गोली मार दी। जब वह घायल होकर गिर गए तो तीनों बदमाश बाइक से भाग गए। इलाज के दौरान फखरुर्रहमान की मौत हो गई।
विवेचना के दौरान हत्या व लूट के प्रयास का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र के ग्राम छपिया निवासी राकेश उर्फ बब्बू तिवारी व दो अन्य के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अनुपस्थिति के कारण दो अन्य अभियुक्त शैलेंद्र सिंह उर्फ बबलू व रविकांत उर्फ राधे की पत्रावली अलग कर दी गई। ट्रायल के दौरान साक्ष्य के आधार पर अदालत ने राकेश उर्फ बब्बू तिवारी को दोषसिद्ध करार दिया।
सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-द्वितीय डाॅ. दीनानाथ-तृतीय ने राकेश उर्फ बब्बू तिवारी को सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की 25 फीसदी रकम मृतक फखरुर्रहमान की पत्नी व 50 फीसदी रकम उनके बच्चों को बतौर प्रतिकर दी जाएगी।