गोंडा। बांके से गर्दन काटकर दलित की हत्या करने के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने फैसला सुनाया। दोषी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
एससी-एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि करनैलगंज के ग्राम पूरेबंगला निवासी जयचंद्र ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 22 जुलाई 2020 को उसके मामा बाबूराम कोरी अपने सहन दरवाजे पर चारपाई पर सो रहे थे। रात्रि करीब 11 बजे ग्राम पूरे बंगला चकरौत के रहने वाले उदय प्रकाश शुक्ल आया और बांके से गर्दन काट बाबूराम की हत्या कर सिर ले जाकर नीम के पेड़ के नीचे रख दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और दलित की हत्या के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी उदय प्रकाश शुक्ल के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
ट्रायल के दौरान न्यायालय ने उदय प्रकाश शुक्ल को दोषसिद्ध किया। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) नासिर अहमद ने उदय प्रकाश शुक्ल को हत्या के अपराध में आजीवन सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।