गोंडा। मनकापुर में पांच साल पूर्व युवक की हत्या कर शव छिपाने के मामले में शनिवार को न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि वादिनी संजू देवी निवासी ग्राम चिरैया मौजा भिटौरा ने 25 जनवरी 2018 को कोतवाली मनकापुर में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा कि मकर संक्रांति पर वह बच्चों के साथ मायके गई थी। कुछ दिन बाद पति कमलेश शर्मा के फोन न उठाने पर वह सुबह घर लौटी तो कमरे के अंदर उसका शव टटिया के सहारे टिका मिला। पति को दो दिन पूर्व उसके पड़ोस के धर्मेंद्र चौहान व एक अन्य व्यक्ति बुलाकर ले गए थे और हत्या कर शव को घर में छिपा गए।
संजू के मुताबिक धर्मेंद्र ने उसके पति को 10 हजार रुपये उधार दे रखा था, जिसके बदले वह कमलेश की एक बीघा जमीन हड़पना चाहता था। इसी के लिए धर्मेंद्र ने कमलेश की हत्या की है। केस दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की और हत्या व साक्ष्य मिटाने का पुख्ता साक्ष्य मिलने पर आरोपी धर्मेंद्र चौहान के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल के दौरान अदालत ने धर्मेंद्र को दोषसिद्ध किया। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश नवम सर्वजीत कुमार सिंह ने धर्मेंद्र चौहान को आजीवन कारावास और 45 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की 50 फीसदी धनराशि वादिनी को दी जाएगी।