छपिया के शीतलगंज ग्रंट दलालजोत गांव में पिंजरे में फंसा तेंदुआ। - संवाद
गोंडा। छपिया क्षेत्र के शीतलगंज ग्रंट के दलालजोत गांव में भटककर पहुंचा तेंदुआ 18 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात पिंजरे में फंस गया। वन विभाग के नियमानुसार तेंदुए को मेडिकल कराने के बाद सोहेलवा जंगल में छोड़ दिया गया।
शीतलगंज ग्रंट के दलालजोत गांव में रामसुंदर यादव के घर के निकट बने भुसैले में तेंदुआ छिपा था। शुक्रवार सुबह रामसुंदर की पत्नी राजपता देवी मवेशियों के लिए भुसैले में भूसा निकालने गईं थीं। जहां तेंदुए ने दहाड़ते हुए उन पर हमला करने की कोशिश की थी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने भुसैले को जाल से ढंंककर दरवाजे के पास लोहे का पिंजरा लगाकर उसमें बकरी बांधी थी। 18 घंटे तक चले रेस्क्यू में तेंदुए ने दो बार निकलने का प्रयास किया मगर पिंजरे में नहीं फंसा। शुक्रवार देर रात भीड़ कम हुई तो बकरी का शिकार करने के लिए तेंदुआ भुसैले से निकला और पिंजरे में फंस गया।
डिप्टी रेंजर सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि टिकरी रेंज में मनकापुर के पशु चिकित्सकों ने तेंदुए का मेडिकल किया। इसके बाद उसे सोहेलवा जंगल में छोड़ दिया गया।