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महंगाई : दाल-रोटी पतली, महंगाई ने भी बिगाड़ा बजट

Wed, 31 May 2023 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। गर्मी और सहालग के मौसम में खाद्य सामग्रियों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। इसके चलते लोगों को दो जून की रोटी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। दाल पहले ही पतली हो गई थी। अब सब्जी भी सोच-समझकर खरीदनी पड़ रही है। आम आदमी सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने की आस लगाए है।
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शहर के आसपास सब्जी की खेती करने वाले परेशान हैं। गर्मी में सब्जी की फसलें सूख रही हैं। इससे उत्पादन घट रहा है। ट्रांसपोर्टिंग व लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च भी बढ़ गया है। इससे गांवों की सब्जियां बाजार पहुंचनी बंद हो गईं हैं। पोर्टरगंज की मंजू का कहना है कि परिवार में आठ लोग हैं। पहले 200 रुपये की सब्जी दो दिन चल जाती थी। अब इसके लिए 250 से 300 रुपये खर्च हो रहे हैं। ऊपर से दाल के बढ़े रेट ने भी मुश्किल खड़ी कर दी है। राधाकुंड की शिवानी कहती हैं कि महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सरकार को लोगों की दिक्कतों के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में जब सब कुछ बंद था तो सब्जियां सस्ती थीं मगर इस समय सब्जियों व दालों के दाम आसमान छू रहे हैं।
दालों और सब्जियों के बगैर रसोई मुश्किल है लेकिन लोग अब पारंपरिक तरीके से रसोई चला रहे हैं। हरी सब्जियों का विकल्प बड़ी व अचार आदि हैं। ग्रामीण अंचल में आज भी बड़ी व अचार का खूब उपयोग होता है। दरअसल कई इलाकों में गर्मी के दिनों में सब्जियों की किल्लत हो जाती है। इस वजह से भी बड़ी व अचार खाया जाता है।
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ज्यादातर सब्जियां जिले में बाहर से आती हैं। इस समय गर्मी अधिक पड़ रही है। ऐसे में सब्जियां जल्द खराब हो जाती हैं। इस वजह से दाम बढ़े हैं। 15 रुपये किलो में बिकने वाला टमाटर 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है। अभी सब्जियों की कीमतें कम नहीं होंगी। मौसम ठंडा होने पर लोकल सब्जियां आएंगी। इसके बाद ही राहत मिलेगी।
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