गोंडा। लेखपाल भर्ती की रविवार को आयोजित मुख्य परीक्षा में पास कराकर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले गिरोह के तार गोंडा से भी जुड़ गए हैं। एसटीएफ ने रविवार को शहर की आवास विकास कॉलोनी में छापा मारकर एक युवक को इंटरमीडिएट के कई प्रमाणपत्र व 25 हजार रुपये के चेक के साथ दबोचकर नगर कोतवाली पुलिस के हवाले किया है। नगर कोतवाल पंकज कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
प्रदेश में राजस्व लेखपालों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जिले से भी बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया है। रविवार को लेखपाल भर्ती की मुख्य परीक्षा के दिन एसटीएफ ने कुछ शहरों में छापा मारकर नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से मोटी रकम लेने वाले कई लोगों को दबोचा है। इसी कड़ी में एसटीएफ ने शहर की आवास विकास कॉलोनी के मकान नंबर 954 पर छापा मारकर यहां रहने वाले सलीम वारसी को गिरफ्तार किया है।
उसके पास से इंटरमीडिएट के कई प्रमाणपत्र और 25 हजार रुपये का चेक मिला है। बताया जा रहा है कि सलीम लोगों से नौकरी के नाम पर रकम जमा कर रहा था। उसके तार पूरे प्रदेश में सक्रिय रैकेट से जुड़े होने का पता चला है। हालांकि सलीम ने कितने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम जमा कराई और प्रदेश में सक्रिय रैकेट में उसकी क्या भूमिका है? इस बाबत पड़ताल की जा रही है।
एसपी आकाश तोमर ने बताया कि नौकरी में भर्ती के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के आरोपी सलीम वारसी के खिलाफ नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही सभी थाना प्रभारियों को ऐसे लोगों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं और अभियान चलाकर गिरफ्तारी करने को कहा गया है। फर्जीवाड़ा करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
सरकारी नौकरियों में भर्ती के नाम पर धन उगाही करने वाले कई तरह की तरकीब निकाले हुए हैं। एक तो कोई जुगाड़ खोजते हैं, लग गया तो ठीक, नहीं तो कई साल दौड़ाकर रकम वापस कर देते हैं। दूसरे कुछ ऐसे भी हैं जो कई लोगों से रकम ले लेते हैं और किसी न किसी का चयन हो ही जाता है। जिसका हो गया, उसकी रकम हजम कर लेते हैं। बाकी की रकम धीरे-धीरे वापस कर देते हैं। रकम देने वाले किसी से कहते भी नहीं हैं। डरते हैं कि कहीं एफआईआर के चक्कर में रकम न फंस जाए। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वालों का मन बढ़ा रहता है।