गोंडा। नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी हत्याकांड की तफ्तीश अब कोतवाली नगर पुलिस करेगी। हत्याकांड के चार दिन बाद घटना स्थल कोतवाली नगर क्षेत्र में बताकर जीआरपी ने मुकदमे की तफ्तीश से पल्ला झाड़ लिया है।
एसपी जीआरपी ने हत्याकांड के मुकदमे की तफ्तीश कोतवाली नगर पुलिस को ट्रांसफर करने के लिए मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट भेजी है। एसपी जीआरपी ने जल्द ही मुकदमा ट्रांसफर होने की उम्मीद की है।
थाना मोतीगंज क्षेत्र के अचलपुर गांव के रहने वाले अनिल तिवारी का बेटा नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी (23) शहर के सर्कुलर रोड स्थित नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में काम करता था।
25 जनवरी की शाम हाॅस्पिटल में काम खत्म करने के बाद वह घर जाने वाला था। उसने अपने पिता से भी मोबाइल फोन पर बात करके एक घंटे में घर पहुंचने की जानकारी दी थी। पर वह घर नहीं पहुंचा था।
बेटे के घर न पहुंचने पर पिता अनिल तिवारी और चाचा सुनील तिवारी अन्य लोगों के साथ बेटे की तलाश में हाॅस्पिटल पहुंचे। डाॅक्टर से बेटे के बारे जानकारी चाही तो बताया कि वह जा चुका है।
अंकित का शव गोंडा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर सतईपुरवा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। हत्या के बाद हादसे का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर रख दिया गया था।
अंकित के पिता ने नारायण हाॅस्पिटल के डाॅक्टर दीपक सिंह और उसके साथियों पर सिगरेट लाने से इन्कार करने पर बेटे की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगाते हुए जीआरपी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जीआरपी ने हत्याकांड के चार दिन बाद घटना स्थल कोतवाली नगर क्षेत्र में बताकर मुकदमे की तफ्तीश से पल्ला झाड़ लिया है।
एसपी जीआरपी ने रेलवे स्टेशन के दोनों ओर एक किलोमीटर तक होम और आउटर सिगनल के अंदर ही जीआरपी का क्षेत्र होने का हवाला देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया था।
तफ्तीश शुरू की गई तो पाया गया कि घटना स्थल कोतवाली नगर क्षेत्र का है। अंकित के परिजनों का भी कहना है कि हत्या कर शव रेल ट्रैक पर फेंका गया है।
इसलिए मुकदमे की तफ्तीश कोतवाली नगर से कराने के लिए जीआरपी मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट भेजी गई है। कल तक तफ्तीश कोतवाली नगर ट्रांसफर हो जाएगी। अब कोतवाली नगर पुलिस ही हत्याकांड की तफ्तीश करेगी।
हॉस्पिटल की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी जीआरपी
थाना मोतीगंज क्षेत्र के अचलपुर गांव के रहने वाले नर्सिंग सहायक अंकित तिवारी हत्याकांड में जीआरपी ने सर्कुलर रोड स्थित नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हत्याकांड में हास्पिटल के डॉ. दीपक सिंह के अलावा और कितने लोग शामिल थे। फुटेज के सहारे उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही थी। हालांकि, अभी तक जीआरपी ने सीसीटीवी फुटेज में हाॅस्पिटल से 25 जनवरी की शाम सात बजे कितने लोग बाहर निकले थे और हाॅस्पिटल में कौन-कौन पहुंचा था। इसका खुलासा नहीं किया है।
जीआरपी ने तीन को उठाया, पूछताछ कर छोड़ा
अंकित हत्याकांड में जीआरपी ने नारायण हाॅस्पिटल एंड कैंसर रिसर्च सेंटर में काम करने वाले तीन लोगों को रविवार देर शाम संदेह के आधार पर उठाया था। चार घंटे गहन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।