गोंडा। कार्डधारकों को राशन वितरण में गड़बड़ी व घटतौली करने के मामले में कोटे की एक दुकान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तीन अन्य दुकानदारों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है।
एक ही दिन में 300 से अधिक कार्डधारकों का बायोमीट्रिक सत्यापन करवाकर उन्हें राशन बांटने का दावा करने वाले कोटेदारों पर प्रशासन की निगाह टेढ़ी हो गई है। बेलसर विकासखंड के पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव के स्थलीय जांच में भारी अनियमितता सामने आई। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर एक ही दिन में 300 से अधिक कार्डधारकों को राशन देने का दावा करने वाले कोटेदारों के खिलाफ जांच शुरू हुई तो क्षेत्र के चार कोटेदार संदिग्ध मिले।
दुर्जनपुर ग्राम पंचायत में संचालित दुकानदार बृजलाल शर्मा के दुकान का निरीक्षण किया गया तो सरकारी खाद्यान्न वितरण व स्टॉक अभिलेखों के रखरखाव में अनियमितता पाई गई। अंत्योदय कार्डधारकों से चीनी का दाम अधिक वसूलने, खाद्यान्न व चीनी वितरण में घटतौली, दुकान का संचालन किसी और से कराने जैसी कई अनियमितताएं सामने आईं। जिसपर उपजिलाधिकारी तरबगंज की ओर से किया गया अनुबंध पत्र निलंबित कर दिया गया।
वहीं, नगर पंचायत बेलसर के कोटेदार विजय बहादुर व पृथ्वी जायसवाल और ऐली परसौली के कोटेदार हरीराम को नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि एक कार्डधारक को राशन देने से पहले उसका बायोमीट्रिक सत्यापन कराया जाता है उसके बाद तौलकर राशन दिया जाता है और लाभार्थी का विवरण नोट किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में कम से कम 10 मिनट का समय लगता है। ऐसे में 300 लोगों को राशन देने में कम से कम 50 घंटा लगेगा। एक ही दिन में 300 लोगों को राशन दिया जाने का दावा संदिग्ध है।