गोंडा। जिले के किसानों ने आधुनिक और तकनीक से खेती करके आमदनी बढ़ाई है। खेती में रोल मॉडल बने किसानों को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जयंती पर कृषि विज्ञान केंद्र करनपुर में सम्मान मिला। जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार ने किसानों से खेती में आमदनी बढ़ाने का तरीका पूछा। किसानों ने खुलकर अपनी तकनीक बताई, डीएम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य किसानों को भी इन किसानों से जोड़कर आय बढ़ाने की तकनीक की जानकारी दिलाएं।
पड़री कृपाल विकासखंड के विशुनपुर बैरिया निवासी किसान आशीष सिंह को गेहूं पैदावार में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। आशीष सिंह ने जवाब दिया 48.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर। सामान्य उपज 30 से 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होता है, लेकिन हमने फर्म मशीनरी बैंक की मदद से तकनीक खेती करके उपज बढ़ाई। हधरमऊ के भड़सड़ा निवासी महेश तिवारी ने एक हेक्टेयर में 14 क्विंटल धान उत्पादित किया, जिसके लिए उन्हें प्रथम पुरस्कार मिला। डीएम ने पूछा कि कौन सी प्रजाति के धान की बुआई किए थे। बताया कि पंत-24 प्रजाति के धान की बुुुआई किया था। तकनीक आधारित खेती से लाभ हुआ।
जिलाधिकारी ने किसानों का हौसला बढ़ाते हुए अन्य किसानों को उन्नति खेती की जानकारी देने के लिए कहा।
कृषि विज्ञान केंद्र गोपाल ग्राम में किसान मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने किया। जिलाधिकारी ने किसानों की ओर से लगाए देशी उत्पाद के स्टालों का निरीक्षण कर किसानों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान गौरा विधायक प्रभात वर्मा, सीडीओ गौरव कुमार, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव आदि रहे।
इन किसानों को मिला सम्मान
गेहूं उत्पादन में संजू देवी को प्रथम व आशीष सिंह को द्वितीय स्थान मिला। सरसों उत्पादन में सत्यवीर सिंह को प्रथम व रामप्रकट सिंह को दूसरा स्थान मिला। मसूर की पैदावर में हीराझरी को प्रथम तथा राजमणि को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। धान की पैदावार के लिए महेश तिवारी को पहला तथा अशोक कुमार को दूसरा स्थान मिला। इसी प्रकार मत्स्य पालन में ओम प्रकाश सिंह, मुश्ताक अहमद, शिवशंकर, शिवनारायन, गुरुप्रसाद, आशुतोष सिंह, अखंड प्रताप व प्रवीण सिंह पुरस्कृत हुए। वहीं उद्यान विभाग की ओर से केले के लिए भगवान सिंह, पपीता के लिए आनंद त्रिपाठी, मटर के लिए काशीराम चौधरी तथा आलू में अव्वल आने पर रामफेर शुक्ल को पुरस्कार दिया गया।